कानपुर देहात। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने होली के दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने भरकर जांच के लिए भेजे थे। इनमें से कई की जांच रिपोर्ट अब आई है। जैनपुर की एक फैक्टरी में तैयार मक्के का आटा व रनियां-चिरौरा की सब्जी मसाला बनाने वाली फैक्टरी से लिया गया साबुत हल्दी का नमूना जांच में फेल हो गया है। दोनों नमूने असुरक्षित पाए गए हैं।
जैनपुर स्थित डेलिस फूड प्रोजेक्ट लिमिटेड से मक्के के आटे का नमूना लिया गया था। जांच में इस नमूने में सूड़ी पाई गई। वहीं रनियां-चिरौरा स्थित राकेश मसाला फैक्टरी से लिए गए साबुत हल्दी के नमूने की जांच में मेटलिन यलो कलर की मिलावट मिली है। ये नमूने 23 मार्च को भरे गए थे। दोनों फैक्टरियों को बी नमूना जांच के साथ कारण बताओ नोटिस देने की तैयारी है।
इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं नौ और सैंपल जांच में अधोमानक पाए गए हैं। रसूलाबाद के बादशाहपुर में सूरजपाल व नंद किशोर उर्फ भूरा, सिकंदरा के मूढ़ादेव में राम मिलन, सिकंदरा में रमेश चंद्र तिवारी व ताजपुर में अभय सिंह की भट्टी से लिए गए खोया के नमूने भी अधोमानक मिले हैं। झींझक के सुभाष नगर में श्याम जी शुुक्ला की दुकान से लिया गया सरसों के तेल का नमूना अधोमानक मिला है।
खोजाफूल में राघव दीक्षित की दुकान से लिया गया सरसों तेल का नमूना भी अधोमानक मिला है। चिलौली में सुधीर कुमार के दूध का नमूना अधोमानक पाया गया। अभिहित अधिकारी मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि नोटिस का जवाब मिलने के आधार पर कार्रवाई होगी। बी नमूना जांच नहीं कराने पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।