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बिहार के चिराग ने रोशन किया आईआईटी का नाम, पढ़िए इनकी पूरी सक्सेस स्टोरी

Sun, 11 Nov 2018 09:05 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

- इंजीनियरिंग सर्विसेज ‘टॉपर चिराग’ ने इंस्टीट्यूट में की पढ़ाई, अन्य गतिविधियों को दिया श्रेय
- एयरोमॉडलिंग टीम के लीडर रहते हुए यूएस में दिलाया था देश को कांस्य पदक
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चिराग झा
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विस्तार
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इंजीनियरिंग सर्विसेज एग्जाम 2018 के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग ब्रांच के टॉपर चिराग झा ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय आईआईटी कानपुर की पढ़ाई और कैंपस के माहौल को दिया है। चिराग यहां इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के 2016 बैच के छात्र रहे हैं।
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इंस्टीट्यूट में पढ़ाई के अलावा वह कई गतिविधियों में शामिल थे। उनकी कप्तानी में एयरोमॉडलिंग की टीम पुष्पक ने अमेरिका में डंका बजाते हुए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में कांस्य पदक हासिल किया था। चिराग बताते हैं कि इन्हीं गतिविधियों के चलते उनमें लीडरशिप क्वालिटी और कम्युनिकेशन स्किल डेवलप हुई और इंटरव्यू में उसका काफी अच्छा फायदा मिला। चिराग आईआईटी कानपुर के एयरोमॉडलिंग क्लब के कोआर्डिनेटर, बोइंग नेशनल एयरोमॉडलिंग फेस्टिवल के टेक्निकल हेड और स्टूडेंट सीनेट के साइंस एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल के महासचिव भी रहे हैं।
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आईएएस बनने का है सपना

चिराग अपने पिता के साथ
चिराग मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले से हैं। हालांकि कई साल पहले परिवार संग फरीदाबाद (हरियाणा) में शिफ्ट हो चुके हैं। पिता जयनाथ झा दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं और मां विभा झा गृहणी हैं। छोटे भाई अनुराग ने भी इंजीनियरिंग की है। चिराग बताते हैं कि अब वह आईएएस बनने का लक्ष्य बना चुके हैं और इसकी तैयारियों में जुटे हैं। चिराग ने बताया कि आईआईटी में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने इंजीनियरिंग सर्विसेज एग्जाम देने का मन बना लिया था। स्नातक के बाद एक साल तैयारी करके उन्होंने यह सफलता हासिल कर ली है।
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