अस्थमा या सांस संबंधी बीमारियों में दवा के साइड इफेक्ट रोकने में वैज्ञानिकों के एक समूह को सफलता मिली है। इसमें आईआईटी के वैज्ञानिक भी शामिल हैं। इन वैज्ञानिकों ने इन बीमारियों में दी जाने वाली फॉरमोटेरोल और इसके रिसेप्टर प्रोटीन की संरचना का पतालगाया है।
इस समूह ने क्रायोजेनिक इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी नाम की तकनीक का उपयोग करयह सफलता हासिल की है। शोध पत्रिका नेचर में इसका शोधपत्र भी प्रकाशित हुआ है। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वैज्ञानिकों में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के वैज्ञानिक प्रो. अरुण कुमार शुक्ल और उनकी प्रयोगशाला की सदस्य शुभि पांडेय, हेमलता अग्निहोत्री और मधु चतुर्वेदी भी शामिल हैं।