कानपुर देहात। यूपी बोर्ड की वर्ष 2026-27 की होने वाली परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्रों के चयन की प्रक्रिया में इस बार बदलाव किया गया है। अब विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति भी केंद्र चयन का महत्वपूर्ण आधार होगी।
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने केंद्र निर्धारण के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब केवल विद्यालय भवन, कमरों की संख्या और अन्य बुनियादी सुविधाओं के आधार पर ही परीक्षा केंद्र तय नहीं किए जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत जिन विद्यालयों में विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति कम से कम 180 दिनों तक दर्ज होगी, उन्हें परीक्षा केंद्र बनाए जाने में प्राथमिकता दी जाएगी।
इससे विद्यालयों में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और पढ़ाई की स्थिति का भी आकलन किया जा सकेगा। अभी तक परीक्षा केंद्र तय करने में मुख्य रूप से विद्यालय की भौतिक सुविधाओं, कमरों की संख्या, फर्नीचर, बिजली, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं को देखा जाता था। अब इन व्यवस्थाओं के साथ विद्यार्थियों की ऑनलाइन हाजिरी का रिकॉर्ड भी जांचा जाएगा।
इसका उद्देश्य ऐसे विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने में प्राथमिकता देना है, जहां विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और शैक्षिक गतिविधियां बेहतर तरीके से संचालित हो रही हैं। केंद्र निर्धारण के दौरान विद्यालयों की उपलब्ध सुविधाओं के साथ ऑनलाइन रिकॉर्ड का भी मिलान किया जाएगा। डीआईओएस बृजभूषण चौधरी ने बताया कि परीक्षा केंद्र निर्धारण में अब विद्यालय की बुनियादी सुविधाओं के साथ विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति को भी देखा जाएगा। 180 दिन की ऑनलाइन उपस्थिति वाले विद्यालयों को प्राथमिकता देने की व्यवस्था इस बार की गई है।