इटावा। विश्व एड्स दिवस के मौके पर आयुर्विज्ञान विवि के पैरामेडिकल छात्रों ने नुक्कड़ नाटक करके एड्स रोगियों से भेदभाव न करने का संदेश दिया गया। उन्होंने नाटक के जरिए एड्स के प्रभाव भी दिखाए।
मंगलवार को हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रति कुलपति प्रोफेसर डॉ. रमाकांत ने लोगों को बताया कि एचआईवी संक्रमित लोगों के साथ रहने, खाने से एड्स नहीं होता है। लिहाजा संक्रमित लोगों से किसी प्रकार का भेदभाव न किया जाए। इसके लिए लोगों का जागरूक होना आवश्यक है।
प्रोफेसर डॉ. सोमेंद्र पाल ने बताया कि एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति 6 से 10 वर्ष तक सामान्य प्रतीत होता है और सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है, लेकिन दूसरों को संक्रमित करने में सक्षम होता है। इसी कड़ी में पैरामेडिकल के छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक कर बताया कि एड्स लाइलाज है। बचाव ही इसका उपचार है। डॉ. विजय मिश्रा, डॉ. अनुज, डॉ. राजमंगल, डॉ. ज्योत्सना व डॉ. अजय आदि मौजूद रहे।