अपराध के लिए जानी जाने वाली सीटीएस नाम से बदनाम राजकीय उन्नयन बस्ती के छात्र आदित्य सिंह ने ईमानदारी की मिसाल कायम की है।
उसने सोमवार को बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक कल्याणपुर शाखा के बाहर मिले एक लाख रुपये सीनियर ब्रांच मैनेजर आरएन मेहरोत्रा के हवाले करते हुए कहा कि ये रुपये संबंधित व्यक्ति को ही मिलने चाहिए।
रुपये खोने से बदहाल किसान छोटेलाल मंगलवार को रोते हुए बैंक पहुंचा तो मैनेजर ने आदित्य सिंह को बुलाकर उसी के हाथ से पैसे वापस करा दिए। छोटेलाल ने आदित्य को गले लगा लिया।
आदित्य सिंह सोमवार को दोपहर करीब एक बजे अपनी मां अनीता के साथ खाते से एक हजार रुपये निकालने पहुंचा था। तभी बैंक के बाहर उसे हजार रुपये की एक गड्डी मिली। इसे लेकर मां-पुत्र मैनेजर के पास पहुंचे। आदित्य ने जेब से एक लाख की गड्डी उनके सामने रखते हुए पूरा वाकया बताया। मैनेजर ने ये रुपये पास रख लिए।
मंगलवार सुबह छोटेलाल बैंक पहुंचा। उसने मैनेजर से बताया कि सोमवार को तीन लाख 37 हजार रुपये निकाले थे। एक लाख रुपये यहीं कहीं गिर गए। जांच के बाद संतुष्ट होने पर मैनेजर ने आदित्य के हाथ से रुपये वापस करा दिए।
आदित्य के पिता चलाते हैं टेंपो
आदित्य के पिता प्रमेंद्र सिंह टेंपो चलाते हैं। एक छोटा भाई पंकज सिंह है। आदित्य शहीद भगत सिंह डिग्री कालेज बिठूर में बीएससी फाइनल का छात्र है। वह सीडीएस की तैयारी कर रहा है।
आदित्य का कहना था कि उसके पिता और मां ने ईमानदार रहने का सबक सिखाया है। इतने रुपये देखकर थोड़ी देर के लिए लालच आया, लेकिन मां के कहने पर रुपये मैनेजर को सौंप दिए।
रात भर सो नहीं सके मैनेजर
सीनियर मैनेजर आरएन मेहरोत्रा का कहना है कि आदित्य से एक लाख रुपये मिलने की बात उन्होंने शाखा में किसी को नहीं बताई थी। उनका कहना था कि यह बताने पर पैसे के कई दावेदार खड़े हो जाते। वह रातभर ठीक से सो नहीं पाए। सुबह जब छोटेलाल आया तो पूरी तरह से संतुष्ट होने के बाद पैसा उसे दे दिया गया। आदित्य की ईमानदारी कभी नहीं भूल सकता।