देश की 23 आईआईटी में एडमिशन की संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) एडवांस 2017-18 देने वाले स्टूडेंटों की हर समस्या का समाधान वीडियो मैसेज से होगा। जेईई चेयरमैन ने 9.03 मिनट के वीडियो संदेश वेबसाइट jeeadv.ac.in पर अपलोड किए हैं। आईआईटी प्रशासन ने यह प्रयोग पहली बार किया है।
जेईई एडवांस का आयोजन 21 मई को होगा। इसमें दो लाख 20 हजार स्टूडेंट शामिल होंगे। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के विकल्प 28 अप्रैल से उपलब्ध कराए जाएंगे। यह प्रक्रिया दो मई तक चलेगी। 500 रुपये अतिरिक्त फीस के साथ चार मई 2017 तक रजिस्ट्रेशन कराए जा सकते हैं। इससे पहले आईआईटी प्रशासन ने ई-मेल या फिर वेबसाइट की मदद से समस्याएं मंगाईं। स्टूडेंटों की समस्याओं पर गौर करने के बाद समाधान की कवायद शुरू कर दी। इसी कड़ी में सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), एससी और एसटी के आरक्षण का ब्योरा भी बताया। कहा कि सभी संवर्ग की लड़कियों को रजिस्ट्रेशन फीस में छूट दी गई है। आईआईटी कानपुर परिक्षेत्र के जेईई चेयरमैन प्रो. पीएस घोष द्रष्टिदार ने बताया कि वीडियो मैसेज के माध्यम से स्टूडेंटों की हर समस्या के समाधान की कोशिश की गई है।
ये हैं कुछ स्टूडेंटों के सवाल-चेयरमैन के जवाब
सवाल- अप्लीकेशन फार्म में कितने मोबाइल नंबर डाल सकते हैं?
जवाब- अधिकतम दो। इस पर पेपर और रिजल्ट से संबंधित जानकारी दी जाएगी।
सवाल: फीस कैसे जमा होगी?
जवाब- नेट बैंकिंग, एसबीआई बैंक के चालान और डेबिट कार्ड से फीस जमा की जा सकेगी। क्रेडिट कार्ड से फीस नहीं जमा की जा सकेगी। इस बार अतिरिक्त शुल्क के साथ जेईई एडवांस के रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई है।
सवाल- हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषा में पेपर दिया जा सकता हैं या नहीं।
जवाब- नहीं, सिर्फ एक सब्जेक्ट में पेपर हल करने की अनुमति होती है। दोनों में से एक भाषा में पेपर देने का विकल्प अप्लीकेशन फार्म में भरना पड़ता है।
सवाल- बीई, बीटेक और बी. आर्किटेक्चर, बी. प्लानिंग का दोनों पेपर देना जरूरी है क्या?
जवाब- जी। पेपर अलग-अलग पारियों में जरूर कराए जाते हैं लेकिन मूल्यांकन की प्रक्रिया एक जैसी है। जो स्टूडेंट सफल होते हैं, वे एडमिशन का विकल्प देते हैं। बीई, बीटेक, बी. आर्किटेक्चर और बी. प्लानिंग में एडमिशन की शैक्षिक योग्यता एक जैसी होती है। फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स के क्वेश्चन पूछे जाते हैं।
सवाल- रजिस्ट्रेशन में किस क्लास का सर्टिफिकेट अपलोड करना होगा?
जवाब- यदि 12वीं कक्षा की पढ़ाई कर रहे हैं तो सर्टिफिकेट अपलोड करने की जरूरत नहीं है। 12वीं पास करने वाले स्टूडेंटों को मार्क्स का ब्योरा देना होगा। मार्कशीट भी अपलोड करनी पड़ेगी।