बहस के बीच चाकू से हमला कर दिया
दोनों में विवाद बढ़ गया। इतने में राजू की पत्नी विमला और अन्य परिजन भी आ गए। उधर, प्रेमचंद्र के परिजन भी आ गए। बहस के बीच राजू ने प्रेमचंद्र पर चाकू से हमला कर दिया। देखते ही देखते प्रेमचंद्र के गले, सीने, हाथ और पेट में वारकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी राजू भाग निकला। इससे सनसनी फैल गई।
मौके पर पहुंचे थे आलाअधिकारी
परिजनों और ग्र्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलने पर एसपी अंकुर अग्रवाल, अपर एसपी लक्ष्मी निवास मिश्र, सीओ सदर अंबुजा त्रिवेदी, देहात कोतवाली प्रभारी जयचंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। घटना की जांच की। पुलिस ने हत्यारोपी को उसके घर से ही गिरफ्तार कर लिया। आला कत्ल चाकू भी बरामद कर लिया है।
जौरही गांव में शराब मंगाने के विवाद में छात्र की चाकू मारकर हत्या की गई है। पिता की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज आरोपी को गिरफ्तार कर आला कत्ल बरामद कर लिया गया है। घटना की विस्तृत जांच की जा रही है। -अंकुर अग्रवाल, एसपी, बांदा
पिता बोला- आरोपी को कड़ी सजा मिले
साहब हत्यारोपी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उसने मेरे होनहार पुत्र को मारा है। जब तक हत्यारोपी को सजा नहीं मिल जाएगी तब तक चैन नहीं मिलेगा। पोस्टमार्टम हाउस में मृतक प्रेमचंद्र के पिता राजेंद्र ने कुछ इस तरह से अपने लिए इंसाफ मांगा। देहात कोतवाली क्षेत्र के जौरही गांव निवासी छात्र प्रेमचंद्र अपने घर का कमाऊ सदस्य था।
मां की 15 साल पहले हो चुकी है मौत
बीए अंतिम वर्ष की पढ़ाई के साथ-साथ शहर के बाबूलाल चौराहा में माही मोबाइल सेंटर में बतौर कंप्यूटर ऑपरेटर का काम कर घर का खर्च चलाता था। तीन दिन पहले उसने पिता के गर्दन में हुई गांठ का भी जिला अस्पताल में ऑपरेशन कराया था। छात्र की मां की 15 साल पहले मौत हो चुकी है। पूरा परिवार मजदूरी पर आधारित है।
सीधा और हंसमुख स्वभाव का था प्रेमचंद्र
पोस्टमार्टम हाउस में छात्र के परिजनों और गांव से आए ग्रामीणों ने बताया कि प्रेमचंद्र सीधा और हंसमुख स्वभाव का था। पिता के साथ घर की जिम्मेदारी भी संभाले था। वह शहर के पंडित जेएन डिग्री कॉलेज से बीए कर रहा था। एनसीसी कैडेट भी था। घर और पढ़ाई का खर्चा चलाने के लिए उसने मोबाइल सेंटर में काम तलाश कर लिया था।
अपनी मां को डांट कर मामला शांत करा दिया था
पिता उनका कहना था इसके पूर्व एक माह पहले घर के दरवाजे बैठी प्रेमचंद्र की दादी बुधिया से भी हत्यारोपी राजू आरख अभद्रता कर चुका है। तब उसे समझा बुझाकर उल्टा अपनी मां को डांट कर मामला शांत करा दिया था। घटना को याद कर पिता बिलख पड़ा। मौके पर मौजूद परिजन और ग्रामीण उसे सांत्वना देते रहे।
हत्यारोपी व मृतक छात्र के घर की दूरी 50 मीटर
हत्यारोपी राजू आरख और मृतक छात्र प्रेमचंद्र के मकान की दूरी 50 मीटर है। हत्यारोपी गांव का दबंग है। उसकी आपराधिक गतिविधियों के चलते कोई भी उससे मतलब नहीं रखता। हत्यारोपी सात भाई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हत्यारोपी राजू मादक पदार्थों का भी अवैध कारोबार करता है। इसमें उसका परिवार सहयोग भी करता है।