कानपुर। श्यामनगर में बंदरों के हमले में घायल आकाश राजपूत दहशत में आ गया है। वह घटना को याद कर सोते हुए भी चीख उठता है। घरवालों के मुताबिक वह ठीक से खाना नहीं खा रहा है।
देहली गांव निवासी रजय राजपूत का 14 वर्षीय बेटा आकाश राजपूत रविवार को दो दोस्तों के साथ बंदरिया पार्क में खेलने गया था। अचानक बंदरों के झुंड ने आकाश को घेर लिया और उसे दाएं पैर में बुरी तरह से काट लिया था। घटना के बाद उसका प्राथमिक उपचार कराया गया। परिजन ने बताया कि आकाश दहशत में आ गया है। वह बाहर निकलने से डर रहा है। क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद बंदरों को नहीं पकड़ा जा रहा है। आए दिन काटने और दौड़ाने के मामले सामने आ रहे हैं। डर की वजह से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।
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बंदरों की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं विभाग
कानपुर। शहर में बंदरों का आतंक है और आए दिन किसी न किसी को काट ले रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पताल में कई केस आ रहे हैं। उर्सला में रोजाना छह से सात मामले आ रहे हैं। वहीं नगर निगम और वन विभाग दोनों ही तैयार नहीं है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह उनकी जिम्मेदारी नहीं है। कई वर्षों पहले बंदर की जिम्मेदारी वन विभाग की थी। अब इनको नगर निगम देख रहा है। पशु कल्याण अधिकारी डॉ. शिल्पा सिंह ने बताया कि पहले वन विभाग ही देखता था, लेकिन अभी बंदरों की जिम्मेदारी किसके पास है इसके लिए शासन से पत्राचार किया जा रहा है।