हमीरपुर जिले के सरीला में ऑनलाइन पढ़ाई के लिए आठवीं के छात्र को पिता ने मोबाइल दिलाया तो वह परिजनों से छिपकर पब्जी गेम खेलने लगा। गेम में इस कदर सुधबुध खोया कि कमरा बंद कर फांसी लगा ली। जब परिजनों को इसकी जानकारी हुई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। छात्र की सांसें थम चुकी थीं।
जरिया थानाक्षेत्र के इटैलियाबाजा गांव निवासी धनीराम राजपूत ने बताया उनका पुत्र यशेंद्र कुमार (14) जवाहर नवोदय विद्यालय, महोबा में आठवीं का छात्र था। लॉकडाउन में विद्यालय बंद होने पर वह घर आ गया था। बताया वह राठ में नहर बाईपास के पास मकान का निर्माण करा रहे हैं।
बुधवार शाम को परिवार सहित मकान के निर्माण कार्य में व्यस्त थे, जबकि बेटा यशेंद्र गांव में अकेला था। उसे ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल दिया था। बेटे का हालचाल लेने के लिए शाम करीब चार बजे उसे फोन किया, मगर रिसीव नहीं हुआ।
इस पर पड़ोसियों को फोन कर घर जाकर देखने की बात कही। घर का दरवाजा बंद होने पर पड़ोसियों ने किसी तरह छत के रास्ते मकान में जाकर देखा तो यशेंद्र का शव कमरे में रस्सी के सहारे फांसी पर लटका था। बेटे के आत्महत्या की जानकारी होने पर परिवार में कोहराम मच गया।
उन्होंने बताया पढ़ाई के लिए बेटे को मोबाइल दिया था, मगर वह परिजनों से छिपकर कब खतरनाक गेम खेलने लगा, इसका पता ही नहीं चल पाया। परिवार के सदस्य यही समझते रहे कि वह पढ़ाई में मन लगाए है। यशेंद्र दो भाइयों में बड़ा था। छोटा भाई दीपेंद्र कक्षा पांच में है।
जरिया थानाध्यक्ष विक्रमाजीत सिंह ने बताया प्रारंभिक जांच पड़ताल में छात्र के पब्जी गेम खेलने की बात सामने आई है। उसने किसी बात पर डिप्रेशन में आकर आत्महत्या की है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। मामले की जांच की जा रही है।