महोबा जिले में थाना कबरई के खजुरिया पहरा गांव में नौवीं कक्षा में फेल होने पर मां की डांट से नाराज छात्र ने फंदा लगाकर जान दे दी। उसका शव कमरे के अंदर पंखे के छल्ले से रस्सी के फंदे पर लटकता मिला। सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।
खजुरिया पहरा गांव निवासी रामचंद्र अहिरवार दिल्ली में रहकर मेहनत-मजदूरी का काम करता है। उसका बड़ा पुत्र अरुण (15) महारानी लक्ष्मीबाई आवासीय विद्यालय बांदा में कक्षा नौवीं का छात्र था। परिणाम आने पर वह नौवीं में फेल हो गया। गर्मियों की छुट्टी में वह घर लौटा था। शुक्रवार की दोपहर मां आशा ने नौंवी में फेल होने पर अरुण को डांट दिया। जिससे नाराज होकर वह घर से निकल गया। शाम को मां उसे पड़ोस में बैठे होने पर घर ले आई।
रात को खाना खाने के बाद सभी लोग सो गए। तब अरुण ने कमरे में मां की साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। जिससे उसकी मौत हो गई। सुबह परिजन जागे तो छात्र को फंदे पर झूलता देख उनके होश उड़ गए। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। मृतक के चाचा भगवानदास ने बताया कि नौवीं में भतीजे के फेल होने पर घर में कहासुनी हुई। जिससे उसने यह कदम उठाया है।