चित्रकूट जिले की सीमा से सटे मझगवां रेंज मप्र मे डेढ़ हफ्ते बाद दोबारा बाघों के बीच संघर्ष हुआ। कुछ दिन पहले मझगवां रेंज के अमहा जंगल मे दो बाघों के संघर्ष मे एक बाघ की जान गई थी, जबकि दूसरा बुरी तरह से हो गया था। घायल बाघों के बीच दोबारा संघर्ष होने पर यूपी-एमपी वन अमला सकते मे आ गया।
दोनों बाघों के बीच काफी देर तक चलता रहा। संघर्ष के दौरान बाघों की दहाड़ जंगल और आसपास के क्षेत्रों में गूंजती रही। संघर्ष में कमजोर पड़ रहा बाघ भाग निकला। इधर वन वनकर्मी पहले हुए संघर्ष में घायल बाघ की तलाश कर रहे थे, फिर से बाघों के बीच संघर्ष होने की सूचना ने वन महकमे को गहरी चिंता में डाल दिया है।
9 दिन पहले पहले मझगवां रेंज के चितहरा जंगल में वर्चस्व की जंग मे एक वयस्क बाघ की मौत हो गई थी। उसके बाद से वन.विभाग कुछ ज्यादा ही चौकस था। शनिवार को मझगांवा रेंज के चितहरा जंगल मे फिर दो बाघों के बीच संघर्ष हुआ।
शुक्र यह रहा संघर्ष में कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई। स्थानीय गांव के लोगों ने बताया बाघों के बीच काफी देर तक संघर्ष चला। दोनों बाघों की दहाड़ से जंगल गूंजता रहा। सुबह जब इस की सूचना वन विभाग को मिली तो मौके पर वनकर्मियों को बाघ के पैरों के निशान मिले हैं। जिसके बाद बाघों की तलाश जारी है।