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Kanpur News: सिर्फ एक दिन सख्ती...फिर बदलते रहे आंकड़े

Mon, 29 Jun 2026 01:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद प्रदेश भर में बेसमेंट में संचालित गतिविधियों पर कार्रवाई हुई लेकिन जनपद में कार्रवाई के नाम पर खानापूरी की गई। जिलाधिकारी के आदेश के बाद जिम्मेदारों ने एक दिन अभियान चलाकर संस्थान सील कराए। इसके बाद इसी एक दिन की कार्रवाई के आंकड़े बार-बार तीन दिन तक बदल के बताते रहे। इसके अलावा जिम्मेदारों की ओर से सिर्फ आठ संचालकों को नोटिस दिया गया और अब उनका कहना है कि नोटिस देने के लिए संचालक उनको ढूंढे नहीं मिल रहे हैं।
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बता दें कि लखनऊ में हुई घटना वाले दिन 22 जून (सोमवार) को ही जिलाधिकारी कपिल सिंह ने एसडीएम की अध्यक्षता में तहसीलवार छह जांच टीमों का गठन किया था। अगले दिन 23 जून मंगलवार को बेसमेंट में संचालित संस्थान और आग से बचाव के बिंदु पर कोचिंग, कंप्यूटर सेंटर व लाइब्रेरी की जांच कराई गई। कई जगह बेसमेंट में पठन-पाठन संस्थान संचालित मिले। इस दिन जिम्मेदारों ने कार्रवाई का जो आंकड़ा जारी किया वह 27 था इसके बाद दूसरे दिन बुधवार को ये आंकड़ा 37 बताया गया और बृहस्पतिवार को यही मंगलवार की कार्रवाई का आंकड़ा 24 हो गया। बार-बार जिम्मेदारों द्वारा आंकड़े बदलना कहीं न कहीं कार्रवाई में लापरवाही दर्शाता है।
इस मामले में जब रविवार को फिर से पूछताछ की गई तो जिम्मेदारों ने बताया कि मंगलवार को कुल 61 संस्थानों की जांच हुई। इसमें 37 पंजीकृत हैं जबकि अन्य 24 गैर पंजीकृत पठन-पाठन संस्थान हैं। बेसमेंट समेत बिना आग सुरक्षा इंतजाम वाले 24 संस्थान सीज/बंद किए गए। इनमें से आठ कोचिंग संचालकों को नोटिस दिया गया है। छापे में जांच टीमों को 15 कोचिंग सेंटर बंद मिले।
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बता दें कि छापे के पांच दिन बीतने के बाद भी 16 संस्थानों को नोटिस नहीं दिया जा सका है। वहीं बंद पाए गए कोचिंग सेंटर संचालकों व 22 अन्य पठन-पाठन से जुड़े संस्थान संचालकों को नोटिस देने की कवायद तक नहीं की गई। डीआईओएस का कहना है कि कोचिंग संचालक मौके से नदारद हैं ऐसे में नोटिस किसे और कैसे रिसीव कराई जाए।
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तहसीलवार कहां कितने कोचिंग सेंटर कराए बंद
तहसील - कोचिंग सेंटर - बंद कराए - बंद मिले
अकबरपुर-14 - 4 - 4
भोगनीपुर-17 - 5 -3
डेरापुर -8 -4 -1
मैथा -6 -4 -2
रसूलाबाद-9 -3 -5
सिकंदरा -7 -4 -0
कुल -61 -24 - 15
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बयान......
बीते मंगलवार को छह टीमों ने सभी 61 कोचिंग, लाइब्रेरी व कंप्यूटर सेंटर की जांच की थी। इसमें से अकबरपुर में छह कोचिंग सेंटर संचालक, रसूलाबाद व सिकंदरा में एक-एक कोचिंग संचालक को नोटिस दिया गया है। मौजूदा समय में 24 कोचिंग सेंटर बंद कराए गए हैं। वहीं अन्य कोचिंग संचालक संस्थान बंद कर भागे हैं। ऐसे में इन कोचिंग संचालकों को नोटिस नहीं दिया जा सका है। जल्द कोचिंग संचालकों से संपर्क कर नोटिस दिया जाएगा। - बृजभूषण चौधरी, डीआईओएस
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बेसमेंट में कोचिंग या अन्य पठन-पाठन गतिविधि पूरी तरह से प्रतिबंधित है। बेसमेंट केवल वाहन पार्किंग या फिर गोदाम प्रयोग के लिए है। वहीं अन्य भवनों में आने जाने के दो रास्ते, हवादार खिड़कियां, अग्निसुरक्षा व जीवन रक्षा के इंतजाम होने जरूरी हैं। बिना नक्शा पास के भवनों में बेसमेंट कैसे बन गए। नक्शा पास करने वाले प्राधिकरण को इसके लिए कार्रवाई करना चाहिए। अभियान में बंद कराए गए कोचिंग संस्थानों या अन्य चिन्हित संस्थानों को नोटिस देने की कार्रवाई डीआईओएस के स्तर पर कराई जानी है। - प्रतीक श्रीवास्तव, मुख्य अग्निशमन अधिकारी।
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केडीए की लचर रवैये से हादसे का खतरा


प्रदेश सरकार ने बेसमेंट में चल रही किसी भी तरह की गतिविधियों को तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए हैं। इधर जिला मुख्यालय और आस-पास के नगरों में सैकड़ों की संख्या में स्वास्थ्य सेवाएं व कारोबारी गतिविधियां बेसमेंट में संचालित हो रहीं हैं। फिलहाल बेसमेंट में चल रही कोचिंग बंद जरूर हैं लेकिन बेसमेंट वाले भवन स्वामियों पर कार्रवाई के लिए जिम्मेदार केडीए हाथ पर हाथ धरे बैठा है। अकबरपुर में केवल माती रोड के दोनाें तरफ 113 भवनों में बेसमेंट हैं। इसमें करीब 50 फीसदी में कारोबारी या फिर स्वास्थ्य सेवा की गतिविधियां चल रही हैं। अधिकांश भवनों में आग से बचाव के इंतजाम नहीं हैं। इसके बाद भी केडीए ने नोटिस देने की जरूरत नहीं समझी। केडीए के सहायक अभियंता चंद्रभान पांडेय ने बताया कि कानपुर शहर में तैनाती के साथ कानपुर देहात का प्रभार है। अनीश यादव के पास भी शहर व देहात का दायित्व है। जल्द की बेसमेंट वाले भवनों का सर्वे शुरू किया जाएगा। करीब 15 दिन में सर्वे पूरा होगा तब बेसमेंट वाले भवन स्वामियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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