सैफई। गेहूं की फसल को छुट्टा मवेशियों से बचाने के लिए किसानों को खेतों पर रात काटनी पड़ रही है। मवेशियों को गोशाला में बंद करने के लिए किसान ब्लॉक और तहसील के अधिकारियों से कई बार गुहार लगा चुके हैं। बावजूद इसके किसानों की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। इलाके में लगभग 200 से अधिक गोवंश इधर-उधर घूमते रहते हैं।
क्षेत्र के नगला कहरी, बंजरहार, नगला शीशिया, भटपुरा, हरदोई, नगला सुभान, नगला हरनाथ आदि के किसान छुट्टा मवेशियों से परेशान हैं। इन्हें मवेशियों से गेहूं की फसल बचाने की चिंता सता रही है। ब्लाॅक सैफई में नौ गोशाला होने के बावजूद किसानों को छुट्टा मवेशियों से निजात नहीं मिल रही है। बंजरहार निवासी गौरव, भटपुरा निवासी रोहित कुमार, बरौली खुर्द निवासी पुष्पेंद्र यादव, नगला कहरी निवासी मोनू यादव, सैफई निवासी रामू यादव, नगला भूरे निवासी अनुराग यादव ने बताया कि रात-दिन खून पसीने से कमाई गई फसल को छुट्टा मवेशी बर्बाद कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि छुट्टा मवेशियों को पकड़ने की मांग कई बार ब्लाॅक और तहसील अधिकारियों से कर चुके हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
वर्जन
अब तक 152 गोवंशों को पकड़कर गोशाला में बंद किया गया है। दो-तीन दिन में और भी गोवंशों को पड़कर गोशाला भेजा जाएगा। -राजकुमार शर्मा, बीडीओ सैफई।