नगर निगम में सदन की बैठक में आवारा जनवरों का मामला उठा। इस पर महापौर ने जल्द सदन बुलाकर इस पर चर्चा कराने की बात कही।
इसके अलावा नगर निगम रबिश विभाग ने एक चहेती कंपनी को आठ करोड़ रुपये के टेंडर देने के लिए उसी के हिसाब के मैनुअल टेंडर का प्रारूप तैयार किया, ताकि कोई अन्य कंपनी टेंडर ही न डाल पाए।
सदन में पार्षद आशुतोष त्रिपाठी ने ये आरोप लगाते हुए 20 जनवरी को पड़ने वाले टेंडर निरस्त करने की मांग की। इस पर महापौर जगतवीर सिंह द्रोण के निर्देश पर नगर आयुक्त देवेंद्र सिंह ने टेंडर निरस्त कर दिए। इसके अलावा प्रारूप तैयार करने वाले फोरमैन (कर्मचारी) को फटकार लगाई। जांच कमेटी भी गठित की।
कमेटी में पार्षद और आरटीओ दफ्तर के टेक्निकल अफसर को शामिल किया गया। इससे पहले दोपहर में सदन की बैठक दोबारा शुरू होते ही पार्षद नवीन पंडित ने आवारा जानवरों से मौत का मामला उठाते हुए कैटल कैटिंग दस्ता सक्रिय करने की मांग की।
पार्षद आदर्श दीक्षित बंदरों की समस्या उठाने लगे तो महापौर ने यह आश्वासन देकर उन्हें बैठाया कि आज कार्यकारिणी चुनाव करा लिया जाए। जल्द ही दो दिन का सदन बुलाकर जनसमस्याओं पर विस्तृत चर्चा कराई जाएगी।