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भेजनी थी तनख्वाह लेकिन घर गया केवल ‘मौत का पैगाम’

Fri, 17 Mar 2017 09:48 AM IST
उदयन शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
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पोस्टमार्टम के बाद मजदूरों के शव भेजे गए बिहार - फोटो : अमर उजाला
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‘तनख्वाह भेजनी थी पर तुमको अब मौत का पैगाम भेज रहे हैं।’ जब मृतकों के करीबियों ने उनके घरों में फोन कर मौत की जानकारी दी तो उनके मुंह से बस यही निकला। कानपुर के शिवराजपुर में बने कोल्ड स्टोरेज के ढहने से बुधवार को पांच मजदूरों की मौत हो गई थी। गुरुवार को मृतक के परिजन बिहार से कानपुर नहीं पहुंच पाए। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शवों को उनके करीबियों के साथ एंबुलेंस से बिहार भेज दिया। 
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संजय जादव नहीं राजकुमार की हुई थी मौत

मजदूरों की व्यथा
शिवराजपुर में कोल्ड स्टोरेज ढहने से दबकर मरने वाले एक युवक का भाई के नाम पर पोस्टमार्टम हो गया। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई थी। जिसमें से एक मृतक का नाम उसके साथियों ने बिहार दरभंगा के अइना गांव निवासी संजय जादव बताया था। संजय नाम पर ही उसका पोस्टमार्टम हो गया। इसके बाद पहुंचे परिजनों ने बताया कि उसका नाम राजकुमार यादव है। संजय उसके भाई का नाम है। बताया कि राजकुमार जादव के तीन भाई रामप्रवेश, हरिराम, संजय हैं। राजकुमार सबसे छोटा था। घर पर पत्नी बबीता और दो बच्चे हैं।

खाना खाने बुलाया पर नहीं आए चाचा

मजदूरों ने बताई हादसे की कहानी
हादसे में दरभंगा के कुसेसर निवासी रामबली राम (35) की मौत हो गई। भतीजे मिथुन राम ने बताया कि हादसे के कुछ देर पहले वह चाचा रामबली और चाचा मंटुनराम के साथ ही काम कर रहा था। लंच होने पर वह और मंटुन खाना खाने चले आए थे, जबकि रामबली काम में ही जुटा रहा। उन्हें खाना खाने के लिए बुलाया गया तो उन्होंने मना कर दिया बोले थोड़ी देर में आउंगा। इसी बीच हादसा हो गया और उनकी मौत हो गई। रामबली के घर पर पिता बालदेव पत्नी रेनू और तीन बच्चे हैं। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।

थोड़ा सा रुक जाते तो बच जाती जान

मजदूरों ने बताई हादसे की कहानी
जान गंवाने वाले धमनी निवादा निवासी स्वेदश कटियार (28) कोल्ड स्टोरेज में लोडिंग बाबू थे। पिता श्रीकांत का पहले ही देहांत हो चुका है। घर पर मां मंजू, छोटा भाई असित और बहन ज्योति है। स्वदेश कोल्ड स्टोरेज में डेढ़ साल से नौकरी करता था। चेचेरा भाई हिमांशु भी उसी कोल्ड स्टोरेज में नौकरी करता है। हिमांशु ने बताया कि बुधवार को लोडिंग हो रही थी। हादसे के कुछ देर पहले ही स्वदेश उनसे नीचे मिले थे। इसके बाद वह लोडिंग का काम देखने की बात कहकर चले गए थे। तभी हादसा हो गया।

एक ही गांव से तीन लोगों की मौत, मचा कोहराम

मजदूरों ने बताई हादसे की कहानी
 हादसे में बिहार के दरभंगा जिले के कुसेसर गांव के ही तीन लोगों की मौत हो गई। तीनों के मरने की सूचना जब उनके गांव पहुंची तो वहां कोहराम मच गया। दरभंगा के कुसेसर गांव निवासी भुवनेश्वर (35), संजय सदा (28) और रामबली राम (35) काम करते थे। हादसे में तीनों की ही मौत हो गई। गुरुवार को पोस्टमार्टम हाउस दिल्ली निवासी भुवनेश्वर की बहन चमेली पहुंची। भाई का शव देखकर वह चीख पड़ी। बताया कि घर पर पिता योगेंद्र और भुवनेश्वर की पत्नी रंजना है। पिता के मौत की खबर सुनकर बेटियों कोमल, रोमल और बेटों मिंटू, सिंटू का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं साथ काम करने वाले लोगों ने बताया कि संजय सदा (28) के घर पर पत्नी देवकी, बेटा सूरज और एक बेटी है। 
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हर मृतक को दिए 50 हजार रुपये

मजदूरों ने बताई हादसे की कहानी
कानपुर में कोल्ड स्टोरेज ढहने से मरे पांचों लोगों के करीबियों को मालिक शंभु सिंह कटियार की ओर से 50-50 हजार रुपये दिए गए। गुरुवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे शंभु सिंह के रिश्तेदार ने मृतकों के करीबियों को रुपये सौंपे। वहीं पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे स्वरूपनगर इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह ने सभी के शव बिहार ले जाने के लिए एंबुलेंस बुक कराई और उन्हें रवाना किया। 
 
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