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एक महीना पार, अब भी है लंबी कतार

Thu, 08 Dec 2016 01:02 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर

सार

- बैंकों को मिले अब तक महज 700 करोड़
-शहर में कुल डिमांड का 10 फीसदी भी नहीं पहुंचा पाया रिजर्व बैंक
-पहले की डिमांड पूरी न होने पर अब बैंकों में दोगुनी हुई जरूरत 
-नोटबंदी की घोषणा को आज से हो जाएंगे एक माह 
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विस्तार
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नोटबंदी की घोषणा के ठीक एक माह बाद भी रिजर्व बैंक अपने दावे और वादे पर खरा नहीं उतरा। बैंकों की कुल डिमांड का 10 फीसदी भी रिजर्व बैंक नहीं पहुंचा पाया है। शहर के प्रमुख बैंकों से जुटाई गई जानकारी के मुताबिक रिजर्व बैंक ने आठ नवंबर से अब तक कानपुर नगर के लिए कुल 700 करोड़ की करेंसी जारी की है जबकि शहर में विभिन्न बैंकों की कुल 770 शाखाएं हैं।
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एक माह में एक बैंक को औसत एक करोड़ रुपये भी नहीं पहुंचे। बैंकों की यह स्थिति रिजर्व बैंक के इस दावे को खारिज करती है कि करेंसी की भरपूर उपलब्धता है और समय पर पहुंचाया जा रहा है। न स्थिति स्पष्ट की जा रही है, न ही समाधान का तरीका बताया जा रहा है। बहुत जल्द ही बैंक अफसरों का समूह करेंसी किल्लत पर रिजर्व बैंक के गवर्नर से मुलाकात कर सकता है। 
  प्रतिदिन 300 करोड़ की जरूरत 
औद्योगिक शहर को प्रतिदिन करीब 300 करोड़ रुपये की करेंसी की दरकार है। अब तक उपलब्ध करवाई गई करेंसी का औसत देखें तो रिजर्व बैंक से प्रतिदिन 20 से 25 करोड़ रुपये ही मिले हैं। 
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  दोगुनी हुई डिमांड 
बैंकों को जरूरत के मुताबिक करेंसी उपलब्ध न होने से अब उनकी डिमांड दोगुनी हो गई है। इसकी दो वजहें हैं। एक तो बैंकों को करेंसी कम मिली। दूसरी, एक से 10 तारीख तक बैंकों में वेतन और पेंशन लेने वालों की संख्या बढ़ जाती है। बैंकों ने अंदेशा जताया है कि करेंसी का फ्लो नहीं सुधरा तो 15 दिसंबर के बाद स्थिति भयावह हो सकती है। 

   बैंक                          करेंसी की उपलब्धता 
भारतीय स्टेट बैंक                150 करोड़ 
बैंक ऑफ बड़ौदा                 125 करोड़
एचडीएफसी बैंक                  70 करोड़ 
एक्सिस बैंक                       80 करोड़ 
पंजाब नेशनल बैंक                25  करोड़ 
इलाहाबाद बैंक                    20 करोड़ 

इसके अलावा यूनियन बैंक, यूनाइटेड बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई, कोटेक महिंद्रा, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक समेत अन्य छोटी बड़ी बैंकों को करीब 200 करोड़ रुपया दिया गया। 
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