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Kanpur News: लाइलाज आनुवांशिक रोगों में मिल रहा स्टेम सेल थैरेपी से फायदा

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कानपुर। चार आनुवांशिक नेत्र रोग जिनका इलाज नहीं है, उनमें स्टेम सेल थैरेपी ने काम किया है। स्टेम सेल थैरेपी को लेकर हुए शोधों को ऑल इंडिया ऑफ्थेल्मिक सोसाइटी और एशिया पेसेफिक कॉन्फ्रेंस की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुत किया गया। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग के सीनियर नेत्र सर्जन डॉ. परवेज खान ने प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन तीन से छह अप्रैल तक दिल्ली में किया गया। इस शोध को देश-विदेश के विशेषज्ञों ने पसंद किया है।
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कॉन्फ्रेंस में रेटिनाइटिस पिगमिंटोसा, रॉड कॉन डिस्ट्रॉफी, स्टार गार्ड्स, ड्राई एएमडी पर हुए शोध प्रस्तुत किए गए। इनमें प्लाज्मा रिच प्लेटलेट्स (पीआरपी) और स्टेम सेल का इस्तेमाल किया गया। ये सभी बीमारियां जेनेटिक हैं और इनका कोई इलाज नहीं है। इनमें स्टेम सेल और पीआरपी का इस्तेमाल करने पर रोगियों की आंखों की रोशनी बच गई। इसके अलावा दो अन्य आनुवांशिक रोगों पर अभी शोध चल रहा है। इन शोधों में स्टेम सेल से मिले शुरुआती परिणाम को भी कॉन्फ्रेंस में बताया गया। डॉ. खान ने बताया कि आनुवांशिक रोगों में रेटिना की कोशिकाएं बीमार होकर नष्ट होने लगती हैं। स्टेम सेल बीमार कोशिकाओं को सेहतमंद कर देती हैं। इससे वे नष्ट नहीं हो पातीं और आंख की रोशनी बची रहती है।
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