फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वास्थ्य सेवाओं का हाल: जिले में सिर्फ एक रेडियोलॉजिस्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
कन्नौज। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। चिकित्सकों की कमी के चलते मरीजों को इधर-उधर भटकने पर मजबूर होना पड़ रहा है। अरबों की लागत से निर्मित राजकीय मेडिकल कालेज, सौ शय्या अस्पताल छिबरामऊ में रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती है। इससे यहां लंबी लाइनें लगती हैं। कई बार अल्ट्रासाउंड कराने के लिए साथ में आए तीमारदारों से विवाद भी होता है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल में दो रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती थी। एक रेडियोलॉजिस्ट का कुछ दिन पहले चंदौली के जिला अस्पताल के लिए स्थानांतरण हो गया। अब केवल एक रेडियोलॉजिस्ट डॉ.संजय सैनी हैं। राजकीय मेडिकल कालेज, सौ शय्या अस्पताल छिबरामऊ से भी अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लोग जिला अस्पताल पहुंचते हैं। एक रेडियोलॉजिस्ट की वजह से विवाद की स्थिति बनती है।
सौ शय्या चिकित्सालय में सोनोलॉजिस्ट अभिषेक कटियार व गुरसहायगंज पीएचसी में प्रमोद कुमार की तैनाती है। रेडियोलॉजिस्ट संजय सैनी ने कहा कि इसमें किसी एक की जिला अस्पताल में तैनाती हो जाए तो राहत मिल सकती है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 50 से 60 लोगों के अल्ट्रासाउंड होते हैं। इसके बाद रिपोर्ट तैयार करनी पड़ती है। अकेले होने की वजह से मरीजों को समय पर रिपोर्ट नहीं मिल पाती है। इससे विवाद होता है।
विज्ञापन

प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर लगती भीड़
राजकीय मेडिकल कालेज, सौ शय्या अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था न होने से प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटर फल-फूल रहे हैं। कई अल्ट्रासाउंड सेंटर ऐसे हैं जिनका संचालन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी कर रहे हैं। इन सेंटरों पर आशा को मरीज लाने पर कमीशन दिया जाता है। कर्मचारियों के सेंटर होने की वजह से छापा भी नहीं पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें