कानपुर देहात। राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला के समर्थकों ने कुटुंब परिवार की ओर से रविवार दोपहर तीन बजे हिंदी भवन में बैठक की घोषणा की थी। इस बीच मुख्यमंत्री ने लखनऊ में कानपुर मंडल के विधायकों की बैठक बुला ली। इससे समर्थकों की बैठक टल गई। वहीं, राज्यमंत्री ने अकबरपुर में समर्थकों के खिलाफ दर्ज कराई गई रिपोर्ट व धरना दिए जाने के मामले को लेकर मुलाकत की। जिसमें जिला प्रशासन के कई अफसरों की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।
राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने बताया कि रविवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात की गई। जिसमें उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी है। बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा कि थाने नहीं जाना चाहिए, जो बात थीं उन्हें बतानी चाहिए। अब उन्हाेंने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इधर रविवार को कुटुंब परिवार की बैठक स्थगित होने पर संस्था के महासचिव शशिभूषण सिंह चंदेल ने जिलाधिकारी को एक मांग पत्र भेजा है। जिसमें कई गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
भेजे गए पत्र में बताया है कि राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला व पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी संस्था के संरक्षक हैं। उनके साथ जिस तरह से अपमानजनक व्यवहार कुछ सरकारी संस्थाओं, सरकारी कर्मचारियों एवं अधिकारियों द्वारा किया गया उससे संस्था के स्वयंसेवक बहुत ही आहत है। इस पर मांग रखी कि बदलापुर में विधायक निधि से बन रही सड़क का काम वहां पर लेखपाल ने किसके आदेश पर कार्य रूकवाया। इसकी जांच कर लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
वार्ड के सभासद शमशाद खां तथा उसके पूरे परिवार के लोगों के गतिविधियों और आपराधिक इतिहास की जांच कराई जाए। इसके साथ ही आरोप लगाए कि अकबरपुर-रूरा मार्ग रात में निकलने वाले वाहनों से सभासद द्वारा वसूली की जाती है। इसकी भी जांच कर कार्रवाई हो। वहीं, अकबरपुर थाना प्रभारी सतीश सिंह के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग रखी। बताया कि वह ढाई वर्ष के समय बीतने के बाद भी एक ही जगह पर कार्यरत है। इतने समय तक उनका स्थानांतरण क्यों नहीं किया गया। इसकी भी जांच होनी चाहिए। कुछ दिन पहले मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट में क्या वास्तविक प्रगति है, उसकी भी जांच की जाए। इसके साथ एसडीएम अकबरपुर पर कई आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की।
बताया कि पातेपुर अकबरपुर में 50 वर्ष से ज्यादा पुराने पशु चिकित्सालय के बीच से 40 फीट चौड़ा तथा 100 फीट गहरा मार्ग कूटरचित दस्तावेज व नक्शा बनाकर बिल्डरों को लाभ पहुंचाने के लिए दिया गया है। जिस पर बिल्डरों को कब्जा कराने के लिए अधिकारियों ने मदद की। उक्त सभी मामलों में एक सप्ताह में कार्रवाई की मांग की। बताया कि मांग पूरी न होने पर संस्था के पास विधिपूर्ण एवं शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन के अलावा कोई अन्य रास्ता नहीं होगा।