इसमें बताया गया है कि 10 मई 2005 को हिंदू रीति रिवाज के साथ बाबूराम ने नीतू निषाद उर्फ शबनम पुत्री स्व होरीलाल निषाद निवासी एनटू रोड नई सब्जी मंडी लाल बंगला कानपुर के साथ के शादी की थी।
शादी में किसी प्रकार से कोई दान दहेज नहीं लिया गया था। कहा कि शादी के बाद से ही उसकी पत्नी वैवाहिक जीवन में रुचि नहीं ले रही थी। उसके बावजूद वह वैवाहिक संबंधों को बरकरार रखते हुए उसके व्यवहार को नजरअंदाज करता रहा।
कहा कि उससे व पत्नी से एक बेटा सांतनु (13) व एक बेटी सुप्रसिद्घा (11) है। जिसकी शिक्षा दीक्षा व परवरिश लखनऊ में वह कर रहे हैं। कहा कि पत्नी का चाल चलन पिछले कुछ वर्षों से ठीक नहीं है। समझाने पर वह अवरोध करती है और झगड़े पर आमादा हो जाती है।
कहा कि उसकी पत्नी झूठे प्रार्थना पत्र देकर लगातार प्रताड़ित कर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रही है। शिकायतों की जांच अधिकारियों द्वारा की गई है। कहा कि पत्नी उसे फर्जी मुकदमे में फंसाने की फिराक में है।
कहा कि पत्नी के कहने पर लखनऊ में आवास लिया उसके बावजूद उसके व्यवहार में परिवर्तन नहीं आया। कहा कि पत्नी ने फेसबुक में 22 सितंबर को एक पोस्ट डाली। जिससे उसे मानसिक आघात पहुंचा है।
कहा कि पत्नी लाखों रुपयों की मांग करती है जो दे पाना संभव नहीं है। ऐसा न करने पर उनसे गाली गलौज करती है। जिससे कभी कोई घटना भी घट सकती है। ऐसी स्थित में पत्नी के साथ रह पाना संभव नहीं है। अधिवक्ताओं ने बताया कि अदालत ने मामले में सम्मन जारी कर दिए है। 30 अक्तूबर को पत्नी नीतू को अदालत में उपस्थित होने का आदेश सुनाया है।