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यूपी में शासन की बड़ी कार्रवाई: कमिश्नर, डीएम सहित आठ अधिकारी तलब, जन सूचना कानून का पालन न करना महंगा पड़ा

Sun, 18 Sep 2022 10:07 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा

सार

उत्तर प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार को जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य कर रही है। ऐसे में जनसूचना कानून का सख्ती से पालन न करना कई अधिकारियों को महंगा पड़ गया है। दरअसल, राज्य सूचना आयोग ने चित्रकूटधाम मंडल के कमिश्नर, डीएम सहित आठ अधिकारियों को तलब किया है। 
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उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग भवन - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बांदा जिले में जन सूचना कानून का पालन न करने पर उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग ने जनपद के आठ जनसूचना अधिकारियों को तलब किया है। आयोग ने 20 सितंबर को लखनऊ में आकर सूचना देने के आदेश दिए हैं। जनपद के अधिकारियों को जन सूचना कानून का सख्ती से पालन न करना महंगा पड़ा है।

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उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग ने जनपद और मंडल के 8 जन सूचना अधिकारियों को राज्य सूचना कार्यालय लखनऊ तलब किया है। आरटीआई एक्टिविस्ट एवं बुंदेलखंड आजाद सेना के अध्यक्ष प्रमोद आजाद ने जनपद व मंडल के विभिन्न शासकीय कार्यालयों से भ्रष्टाचार के खुलासे के लिए जन सूचना कानून के तहत जानकारियां चाहिए थी।
उनको विभिन्न विभागों के जन सूचना अधिकारियों ने अनदेखा कर दिया या फिर शत प्रतिशत सही सूचना उपलब्ध नहीं कराई। इस पर प्रमोद आजाद ने राज्य सूचना आयोग लखनऊ में शिकायत कर दी। उनकी शिकायत पर राज्य सूचना आयोग ने कार्रवाई की है।

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इसके तहत आयोग ने उप कृषि निदेशक बांदा. मंडलायुक्त चित्रकूट धाम मंडल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी बांदा, जिलाधिकारी बांदा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बांदा, खंड शिक्षा अधिकारी कमासिन, सहायक विकास अधिकारी पंचायत बबेरू एवं सहायक विकास अधिकारी पंचायत नरैनी को 20 सितंबर को राज्य सूचना आयोग कार्यालय लखनऊ तलब किया है।
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