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कोठारी ने स्टेट जीएसटी को लगाया 1111 करोड़ का चूना, विभाग ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में दाखिल की अपील

Sat, 03 Oct 2020 01:19 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा प्रदीप अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
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विक्रम कोठारी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर शहर की 14 बैंकों के करीब 3600 करोड़ रुपये हड़पने वाले शहर के उद्योगपति विक्रम कोठारी ने राज्य वस्तु एवं सेवाकर विभाग (स्टेट जीएसटी) को भी टैक्स के 1111 करोड़ रुपये का चूना लगाया है। स्टेट जीएसटी भी बैंकों की तरह समय पर टैक्स वसूली करने में नाकाम रहा है। विभाग बीते तीन वर्षों में छह आरसी जारी कर चुका है, लेकिन कंपनियों से धेला नहीं मिला।
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इस तरह से शहर के 10 बड़े बकायेदारों में टॉप-5 में कोठारी की कंपनियां हैं। रकम वापसी की उम्मीद न दिखने पर विभाग ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में अपनी अपील दाखिल की है। स्टेट जीएसटी का यह सारा टैक्स कोठारी की तीन बड़ी कंपनियों मैसर्स रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स रोटोमैक एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स कोठारी फूड एंड फ्रेग्नेंस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कर निर्धारण वर्ष 2014-15 व 2015-16 का है।

यानी बैंकों की किस्तें बंद करने के साथ ही कोठारी की कंपनियों ने करीब 550 करोड़ प्रति वर्ष की दर से दो वर्ष तक स्टेट जीएसटी में टैक्स भी जमा नहीं किया। लगातार दो वर्षों तक भारी भरकम राशि की वापसी न होने पर विभाग ने वर्ष 2018 में दो और वर्ष 2019 में चार आरसी जारी कीं।
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बकाया रकम की वापसी न होने पर स्टेट जीएसटी को कंपनियों के बैंक खाते सीज करने का अधिकार है, लेकिन ये खाते बैंकों और सीबीआई ने पहले ही सीज कर रखे हैं। इसलिए स्टेट जीएसटी के पास ये विकल्प भी नहीं बचा। हालांकि एनसीएलटी में प्रकरण पहुंचने के बाद विभाग को टैक्स की पूरी रकम मिलने की उम्मीद नहीं है। कारण ये है कि कोठारी पर जितनी रकम बकाया है उसकी 10 फीसदी कीमत की संपत्तियां भी उनके पास नहीं हैं। 


कंपनी                                                            कर निर्धारण वर्ष   बकाया रकम 

मैसर्स रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड     2015-16         545,65,30,206             
रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड            2014-15           431,34,49,365 
रोटोमैक एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड          2014-15             66,86,11,031 
कोठारी फूड-फ्रेग्नेंस प्राइवेट लिमिटेड        2014-15             43,00,00,000
रोटोमैक एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड          2015-16             15,36,77,636
कोठारी फूड-फ्रेग्नेंस प्राइवेट लिमिटेड        2015-16               8,60,08,650

कुल रकम                                                                            1110,82,76,888
 

कोठारी की कंपनियों से वसूली का अब हमारे पास कोई जरिया नहीं है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ही विकल्प बचता है। हम विभाग की ओर से उसमें पैरवी कर रहे हैं। कोठारी की संपत्तियों की नीलामी से मिली रकम में हम टैक्स वसूली की उम्मीद करते हैं। 
पीके सिंह, अपर आयुक्त, राज्य वस्तु एवं सेवाकर, कानपुर जोन

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