अब सभी अफसरों और कर्मचारियों का कच्चा चिट्ठा प्रदेश सरकार के पास रहेगा। कौन कर्मचारी या अफसर किसके संपर्क में है, उनके खाते में कब कितना पैसा आ रहा है, कब कितना पैसा निकाला जा रहा है आदि तमाम बातें सरकार जान लेगी।
कोषागार शहर के करीब 70 हजार अफसरों और कर्मचारियों के मोबाइल नंबर, मेल आईडी , बैंक खाते और अन्य जानकारियों का डाटा तैयार कर रहा है।
मुख्य कोषाधिकारी शिव सिंह ने सभी विभागाध्यक्षों को पत्र भेजकर कहा है कि 31 दिसंबर तक ब्योरा न दिया गया तो संबंधित विभाग के कर्मचारियों और अफसरों का जनवरी का वेतन रोक दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने सभी राज्य कर्मचारियों का डाटा बेस तैयार करने का आदेश दिया है। यह काम जिले के सभी कोषागारों को दिया गया है।
कोषागार से कहा गया है कि सभी अफसरों-कर्मचारियों के खाते नंबर आईएफएससी कोड के साथ, मोबाइल नंबर, प्रयोग की जाने वाली मेल आईडी, उनके परिजनों के ब्योरे का डाटा तैयार किया जाए। यह डाटा एनआईसी के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा।
माना जा रहा है कि यह सब डाटा तैयार होने के बाद सरकार अपने अफसरों-कर्मचारियों की निगहबानी आसानी से कर सकेगी। कोषागार निदेशक लोरिक यादव ने इस बारे में सभी विभागाध्यक्षों को 31 दिसंबर तक पूरी जानकारी देने को कहा है।
जिम्मेदार बोले
शासन के आदेश पर कोषागार कर्मचारियों का डाटा तैयार कर रहा है। शहर में करीब 70 हजार राज्य कर्मचारी हैं। ज्यादातर विभागों ने अपने अफसरों-कर्मचारियों का ब्योरा दे दिया है। 31 दिसबंर तक जिनका ब्योरा नहीं मिला उनका जनवरी का वेतन रोक दिया जाएगा।
-शिव सिंह, मुख्य कोषाधिकारी