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Kanpur News: एकता की मौत का असली कारण जानने पहुंची स्टेट फाॅरेंसिक टीम

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डीएम कंपाउंड - फोटो : संवाद
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कानपुर। एकता गुप्ता की मौत का असली कारण जानने के लिए स्टेट फाॅरेंसिक टीम शुक्रवार को शहर पहुंची। अधिकारियों के साथ करीब तीन घंटे तक केस डायरी का अध्ययन किया। टीम ने विवेचक को एकता की खोपड़ी का सीटी स्कैन और हड्डियों की एमआरआई कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सुरक्षित रखे गए बिसरा का भी परीक्षण कराने के लिए कहा। स्टेट फाॅरेंसिक टीम डीएम कंपाउंड के पास स्थित आफीसर्स क्लब पहुंची और करीब एक घंटा तक आसपास का जायजा लिया। मिट्टी के सैंपल लेने के बाद लखनऊ लौट गई।
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सिविल लाइन निवासी शेयर ट्रेडिंग कंपनी में कार्यरत राहुल गुप्ता की पत्नी एकता 24 जून 2024 को ग्रीनपार्क स्थित जिम से लापता हो गई थी। 26 अक्तूबर को पुलिस ने इस मामले में जिम ट्रेनर विमल सोनी को गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने डीएम कंपाउंड स्थित आफीसर्स क्लब से एकता का शव बरामद किया था। विमल का कहना था कि एकता उसकी शादी को लेकर विवाद कर रही थी। विवाद के बाद एकता की नाक में घूंसा मारा तो वह मर गई। डर के कारण एकता को डीएम कंपाउंड में गड्ढा खोदकर दफना दिया था। एकता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न आने पर कोतवाली पुलिस ने स्टेट फाॅरेंसिक टीम को पत्र भेजा था।

इसी के चलते शुक्रवार को फॉरेंसिक सेल के संयुक्त निदेशक डॉ. कीर्ति वर्धन सिंह ने टीम के साथ कानपुर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जांच रिपोर्ट आने के बाद पुलिस पूरक चार्जशीट कोर्ट में दाखिल करेगी।
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लखनऊ से फॉरेंसिक टीम आई थी। एकता के बिसरा का परीक्षण और उसकी खोपड़ी का सीटी स्कैन व एमआरआई कराने के लिए टीम ने कहा है। घटनास्थल से मिट्टी का नमूना भी टीम ने लिया है। टीम विभिन्न परीक्षणों की रिपोर्ट के आधार पर अपनी रिपोर्ट कोतवाली पुलिस को सौंपेगी।
- श्रवण कुमार सिंह, डीसीपी पूर्वी


अलग-अलग सतहों से लिया मिट्टी का नमूना
फॉरेंसिक टीम ने डीएम कंपाउंड के पास स्थित आफीसर्स क्लब में प्रवेश द्वार से लेकर शव को दफनाए जाने वाले स्थान के बीच की दूरियों का आकलन किया। टीम ने जिस जगह एकता का शव दफनाया था, वहां की मिट्टी का परीक्षण किया तो मिट्टी पथरीली मिली। इसके बाद टीम ने मिट्टी की अलग-अलग सतह की जांच कर नमूना एकत्रित किया।

बलुई मिट्टी होने पर गिरने से जल्दी माैत नहीं होती
मिट्टी का नमूना इसलिए लिया है ताकि पता लगाया जा सके कि मिट्टी बलुई है अथवा पथरीली। बलुई मिट्टी होने पर गिरने से जल्दी मौत नहीं होती है, जबकि पथरीली मिट्टी पर गिरने से मौत की आशंका अधिक बढ़ जाती है।

खुलासे के पांच महीने बाद भी नहीं मिली मौत की वजह
एकता गुप्ता हत्याकांड के खुलासे के करीब पांच माह बाद भी असली वजह का पता नहीं चल सका। ऐसे में अब कमिश्नरी पुलिस ने स्टेट मेडिको लीगल सेल का सहारा लिया है। एसीपी कोतवाली की ओर से स्टेट मेडिको लीगल सेल को जांच कर विचार देने के लिए पत्र लिखा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट हत्या की वजह नहीं पता चल सकी है। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए ही स्टेट मेडिको लीगल टीम कानपुर पहुंची है। आने वाले दिनों में एकता की पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों से भी बात की जा सकती है। वहीं, लखनऊ से आई टीम की माने तो यह मामला चार्जशीटेड हो चुका है, लेकिन कमिश्नरी पुलिस आरोपी विमल सोनी को रिमांड में लेने के दाैरान पूछताछ में वह तथ्य नहीं हासिल कर पाई जिससे पूरे मामले को सुलझाने में मदद मिल सके। टीम ने पुलिस से आरोपी और मृतका की चैटिंग और सीडीआर भी ली है। अनुमान लगाया जा रहा है कि विमल को सजा दिलाने के लिए कुछ साक्ष्य कम थे, जिन्हें एकत्रित किया जा रहा है।
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