देश के लोगों को अब खाने के लिए और उत्तम श्रेणी की चीनी मिलेगी। दरअसल, चीनी की गुणवत्ता को आंकने का जिम्मा अब नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट (एनएसआई) कानपुर के एक्सपर्ट कमेटी ऑन शुगर स्टैंडर्ड को सौंपा गया है। यह अब चीनी की गुणवत्ता में और अधिक सुधार लाने के लिए देश की 532 चीनी मिलों पर मानक लागू करेगी।
बता दें, पहली बार चीनी का अंतर्राष्ट्रीय मानक बनाया गया है। इसका फायदा चीनी मिलों को भी मिलेगा। वह अपनी चीनी विदेश में भी बेच सकेंगे। चीनी की गुणवत्ता सुधारने के लिए भारतीय स्माल और सुपर स्माल ग्रेड की चीनी की माड्यूलेटेड रिफलेक्टेंस यानी उसकी एमआर वैल्यू को बढ़ाया गया है। एक्सपर्ट कमेटी ने पहली बार चीनी की इकमसा (इंटरनेशनल कमीशन फॉर यूनिफार्म मेथड्स ऑफ शुगर एनालिसिस) वैल्यू तय कर दी है। यह वैल्यू अंतर्राष्ट्रीय स्टैंडर्ड को प्रदर्शित करती है।