कानपुर शहर में चौराहों पर लगने वाले जाम के कारणों को तलाशते हुए अमर उजाला की टीम मंगलवार को नौबस्ता चौराहा पहुंची। चौराहे को जाम मुक्त रखने की कवायद में जुटे पुलिसकर्मियों की मेहनत पर बस, ऑटो और ई-रिक्शा वालों ने पानी फेर दिया। आलम यह रहा कि चकेरी से चौराहे की ओर आकर गल्ला मंडी को जाने वाले वाहनों को स्लिपलेन होने के बावजूद जाम में फंसना पड़ा। स्लिपलेन पर खड़ी सीएनजी बस पूरी सवारियां भरने के बाद ही वहां से हिली। घंटों तक बस खड़ी होने के कारण चौराहे पर कई बार जाम लगा।
ऑटो, ई-रिक्शा के स्टैंड सा दिखा स्लिपलेन
स्लिप वे बनाने के पीछे मंशा थी कि चकेरी और एलीवेटेड मार्ग से आने वाले वाहनों को बिधनू, रमईपुर, घाटमपुर की ओर जाने के लिए ग्रीन सिग्नल का इंतजार न करना पड़े। हालांकि, ऐसा हो नहीं पा रहा है। स्लिपलेन पर पूरे समय ऑटो, ई-रिक्शा और बस खड़ी रहती हैं। कई बार तो सवारी के चक्कर में ये वाहन मुख्य सड़क तक आ जाते हैं। ऐसे में जो वाहन स्लिपलेन के बजाए मुख्य मार्ग से आते हैं। मुड़ते समय ऐसे वाहन जाम में फंस जाते हैं। स्लिपलेन को देखकर ऐसा लगता है कि जैसे वाहनों का स्टैंड हो। चौराहे के चारों रास्ते पर फल, पान मसाला वालों के खोमचे खड़े होने के कारण भी कई बार जाम लग जाता है।