कानपुर में हैलट अस्पताल के 100 बेड मैैटरनिटी वार्ड में बने कोरोना वार्ड में जैसे ही नारायणा रिसर्च हॉस्पिटल से कोरोना संक्रमित रोगियों को लाया गया अस्पताल में भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। अस्पताल के डाॅक्टर, पैरा मेडिकल स्टाफ और फ्लू ओपीडी में दिखाने आए लोग वहां से हटने लगे।
प्राचार्य डॉ. लालचंदानी ने बताया जमात के लोग पहले भी यहां कोरोना वार्ड में रहे हैं, वे गंदगी फैलाते रहे। जहां देखो वहां थूकते रहे। इससे अस्पताल का स्टाफ परेशान हो गया था। डाॅक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ के संक्रमित होने का खतरा है।
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डॉक्टरों और नर्सों के संक्रमित होने का खतरा
- फोटो : amar ujala
उन्होंने प्रमुख सचिव से बात कर रोगियों को सीएचसी में शिफ्ट किए जाने की सलाह दी। प्राचार्य डॉ. लालचंदानी ने बताया कि जिस वक्त प्रमुख सचिव डॉ. रजनीश दुबे से बात की, उस वक्त वहां चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री भी थे।
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हैलट में तैनात की गई फोर्स
- फोटो : amar ujala
उनसे यह कहा गया कि जिन रोगियों की हालत गंभीर नहीं है, उन्हें सीएचसी सरसौल शिफ्ट कर दिया जाए। हैलट में सिर्फ उन्हीं कोरोना संक्रमित रोगियों को रखा जाए जिनकी हालत गंभीर है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. अशोक शुक्ला ने कहा कि देखते हैं, जो गंभीर नहीं होंगे उन्हें शिफ्ट कर दिया जाएगा।
हर घंटे हैलट में हो रहा है सैनिटाइजेशन
- फोटो : amar ujala
वहीं कानपुर में शुक्रवार को छह कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने से हड़कंप मच है। देखते ही देखते यह खबर सोशल मीडिया में भी वायरल हो गई। इससे लोगों में कोरोना का खौफ और बढ़ गया। शहर के लोग इस मामले को लेकर फेसबुक पर खूब पोस्टें भी डाल रहे हैं।