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Kanpur: कोषागार में 2000 करोड़ के स्टांप पेपर हो गए रद्दी, कैबिनेट के फैसले के बाद बंद हो गई मैनुअल ब्रिकी

Thu, 13 Mar 2025 12:21 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: स्टांप व्यवस्था के शुरू होने के बाद सरकार ने नए स्टांप मंगाने के आदेश पर रोक लगा दी है। मैनुअल स्टांप की बिक्री बंद होने से कोषागार में पड़े दो हजार 400 करोड़ रुपये के स्टांप डंप हो गए।
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स्टांप - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी कैबिनेट ने अब ई-स्टांप व्यवस्था को पूरी तरह से लागू कर दिया है। इससे कोषागार में डंप पड़े दो हजार 400 करोड़ रुपये के स्टांप पेपर रद्दी हो गए हैं। अब ई-स्टांप को बढ़ावा दिए जाने के उद्देश्य से यूपी सरकार ने 10, 15 और 25 हजार के स्टांप पेपर की ऑफलाइन बिक्री को बंद कर दिया है। इसकी जगह पर लोग ई-स्टांप ले सकेंगे, जबकि 20, 50,100, 1000 और पांच हजार रुपये तक के स्टांप पेपर लोग ऑफ लाइन खरीद सकेंगे।

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पूरे प्रदेश में कानपुर से स्टांप पेपर की सप्लाई हाेती है। इसके लिए जिलों से ऑर्डर मिलने पर कोषागार कानपुर स्थित नोडल स्टांप डिपो से नासिक और हैदाराबाद से स्टांप पेपर मंगाए जाते हैं। इसके बाद यहां से प्रदेश के सभी जिलों में बिक्री की जाती थी। यहां पांच रुपये से लेकर 25 हजार रुपये तक के स्टांप की बिक्री होती थी, लेकिन अब 10 से पांच हजार रुपये तक के स्टांप पेपर की बिक्री होगी।

ई-स्टांप व्यवस्था के शुरू होने के बाद सरकार ने नए स्टांप मंगाने के आदेश पर रोक लगा दी है। मैनुअल स्टांप की बिक्री बंद होने से कोषागार में पड़े दो हजार 400 करोड़ रुपये के स्टांप डंप हो गए। ऑफ लाइन स्टांप जो डंप पड़े हैं, वे शासन के निर्देश पर ही निरस्त कराए जाएंगे।  -विनोद कुमार सिंह, मुख्य कोषागार अधिकारी

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स्टांप मूल्य   स्टांप पेपर की संख्या         कुल कीमत
10 हजार           96,600                 96 करोड़ 60 लाख
15 हजार          36,800                  55 करोड़ 20 लाख
20 हजार          1,80,500               3 अरब 61 करोड़
25 हजार          79,4000                19 अरब 85 करोड़
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