कोहरे को भेदने व दुर्घटनाओं से बचने के लिए परिवहन विभाग रोडवेज बसों में सोडियम हेड लाइट लगवाने के साथ ही पीली पन्नी लगवा रहा है। यही नहीं चालक बसों को तेज रफ्तार न दे सके इसके लिए वैकिंग ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) नाम की एक डिवाइस भी लगाई गई है। अब बस 40 की स्पीड पकड़ते ही चालक की आनलाइन लोकेशन कंट्रोल रूम में दर्ज होगी।
जिसके बाद मानीटरिंग टीम चालक के खिलाफ चेतावनी के साथ ही कार्रवाई करेगी। घने कोहरे की चादर ने हवाई सफर व ट्रेन के साथ ही रोडवेज बसों की रफ्तार थाम दी है। तो वहीं कोहरे की धुंध सड़क हादसों का सबब बन रही है। परिवहन विभाग ने यात्रियों के सफर को सुरक्षित करने के लिए चालकों की रफ्तार पर वैकिंग ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) सिस्टम का अंकुश लगाया है। स्टेरिंग भले ही चालक के हाथ में होगी लेकिन 40 से तेज की स्पीड पकड़ते ही रूट लोकेशन के साथ ही शिकायत मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम में आनलाइन दर्ज हो जाएगी।
इसके बाद मानीटरिंग टीम चालक के मोबाइल पर तत्काल संपर्क कर अंडर स्पीड बस चलाने का निर्देश देगी। एआरएम गौरव वर्मा ने बातचीत में वीटीएस के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यात्रियों के सफर को सुरक्षित करने के लिए चालकों पर आनलाइन निगरानी का जाल बिछाया गया। बताया कि उन्नाव डिपो की सभी 90 बसों में ‘वीटीएस’ लगा हुआ है। चालकों को सख्त निर्देश है कि बसों की स्पीड किसी भी हाल में 40 से तेज न हो। इसके अलावा मौरावां, भोजपुर, बीघापुर-चमियानी समेत एकल मार्ग पर विशेष सावधानी बरतने के आदेश दिए गए हैं।