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'सूरज की ऊर्जा' और वहां उठने वाले तूफानों की वजह का जल्द होगा खुलासा, स्पेस साइंटिस्ट से जानिए हकीकत

Thu, 06 Sep 2018 06:32 PM IST
शैली भल्ला, अमर उजाला, कानपुर
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स्पेस साइंटिस्ट गोविंद सी रनाडे
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हाल ही में सूर्य पर भेजे गए नासा के पार्कर यान के बाद अब सूर्य ऊर्जा का अध्ययन करने के लिए 2021 तक इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन (इसरो) आदित्य एल-1 नाम से सेटेलाइट भेजेगा। जो सूरज की ऊर्जा और वहां उठने वाले तूफानों का अध्ययन करेगा। यह जानकारी विज्ञान प्रसार भारती दिल्ली के स्पेस साइंटिस्ट डॉ. अरविंद सी रानाडे ने कानपुर में दी। उन्होंने कहा कि अभी इस सेटेलाइट पर काम चल रहा है। सूरज पर भेजा जाने वाला यह भारत का पहला सेटेलाइट होगा। डॉ. रानाडे जय नारायण विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने आए थे। 

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उन्होंने बताया कि सूरज एक चुंबकीय गोला है, इसके बारे जानकारी होना बेहद जरूरी है। इसी वजह से  सेटेलाइट भेजने की तैयारी है। डॉ. रानाडे ने कहा कि सूरज के छिपे कई अनसुलझे सवालों के जवाब इस सेटेलाइट के माध्यम से ढूंढने की कोशिश की जाएगी। डॉ. रानाडे ने बताया कि 2021 तक आदित्य एल-1 सेटेलाइट को सूरज पर इसरो भेजेगा। सूरज से उठती सोलर विंड (तूफानों) के बारे में भी पता किया जाएगा। यह सबसे बड़ा रहस्य बना हुआ है। 
 

विज्ञान के अविष्कार बताए 

स्पेस साइंटिस्ट गोविंद सी रनाडे
राष्ट्रीय अविष्कार अभियान के तहत औरैया से आए शिक्षकों को आईआईटी कानपुर के प्रो एचसी वर्मा ने विज्ञान के अविष्कारों के बारेे में बताया। प्रो. वर्मा ने पानी की एक बूंद का द्रव्यमान निकालना एवं गैस सिलेंडर में गैस कम होने पर भी बर्नर का एक ही जैसा ही जलना, छह वोल्ट के बल्ब का 1.5 वोल्ट से जलना और 9 वोल्ट का बैटरी से न जलना जैसे प्रयोगों के बारे में बताया। तीन दिन की कार्यशाला के दूसरे दिन शिक्षक शिक्षिकाओं ने बहुत ही साधारण उपकरणों जैसे लेजर एवं पानी से पानी का अपर्वतनांक निकाला, घरों में बिजली की सप्लाई मापना सीखा। 
 
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शिक्षक बनना कितना अच्छा है

स्पेस साइंटिस्ट गोविंद सी रनाडे
स्पेस साइंटिस्ट डॉ. अरविंद सी रानाडे का कहना है कि जब बच्चे थे तो लगता था कि शिक्षक बनना कितना अच्छा है। जब खुद शिक्षक बने तब जाना कि शिक्षक बनना बहुत कठिन हैं। शिक्षकों को कई दायित्व निभाने पड़ते हैं। सबको एक साथ लेकर चलना पड़ता है। वह बुधवार को शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में कानपुर के जयनारायण विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में विज्ञान भारती कानपुर प्रांत की ओर से आयोजित कार्यक्रम में विचार व्यक्त कर रहे थे। 
इस मौके पर विज्ञान भारती कानपुर प्रांत के अध्यक्ष प्रो. एचसी वर्मा महासचिव डॉ. सुनील मिश्रा, मयूरी दत्त ने शिक्षकों को सम्मानित किया। उधर, वंडर पब्लिक स्कूल में प्रधानाचार्य बीएन बिसन और संस्थापक नीलेंद्र मिश्रा, ममता मिश्रा ने केक काटा। यहां दीपाली, पूजा, अनीता, भाग्यश्री, कंचन, आकांक्षा, शिखा मौजूद थीे। दुर्गाप्रसाद विद्यानिकेतन में शिक्षक दिवस पर बच्चों ने गुरुजनों को टीका लगाया। साथ ही रंगारंग कार्यक्रम पेश किए। इस दौरान किड्स दुर्गाप्रसाद की शिक्षिकाएं भी मौजूद थीं। इस मौके पर संस्थापक केए दुबे पद् मेश, सिद्धार्थ दुबे सौमित्र दुबे, शैलजा त्रिपाठी, ज्योत्सना मिश्रा, एकता दुबे, अपर्णा दुबे मौजूद थीं। ब्राइट एंजिल्स एजूकेशन सेंटर, शिवपुरी में स्कूल की संचालिका रेखा सिंह, प्रधानाचार्य डॉ. आरती द्विवेदी ने डॉ. राधाकृष्णन का स्मरण किया। कार्यक्रम का संचालन मंजू बाजपेई, नीति पांडेय ने किया। डॉॅ. नरेंद्र सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज पुराना शिवली रोड कल्याणपुर में शिक्षक दिवस पर मुख्य अतिथि और जवाहर लाल नेहरू इंटर कॉलेज के प्रबंधक शिव स्वरूप तिवारी ने कहा कि बच्चों को उनके जीवन से शिक्षा लेनी चाहिए। इस मौके पर प्रधानाचार्य वीरेंद्र सिंह, प्रबंधक संजय कुमार मौजूद रहे। संचालन छात्र संसद प्रधानमंत्री उन्नति दुबे ने किया।  
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