अमिताभ के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, गाली गलौज, मारपीट व बलवा आदि की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने विवेचना के बाद सिर्फ अमिताभ बाजपेई के खिलाफ ही चार्जशीट कोर्ट भेज दी थी। 11 साल से मुकदमे की सुनवाई चल रही थी।
अमिताभ की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट में गवाहों के माध्यम से अभियोजन की कहानी को झूठा साबित करने की कोशिश की थी। एडीजीसी भास्कर मिश्रा ने बताया की अभियोजन की ओर से पेश किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने अमिताभ पर लगे आरोपों को सही पाया और उन्हें दोषी करार दिया है।