इसी दौरान सपा नेत्री रचना सिंह गौतम और उनके पति पंकज यादव मौके पर धरने पर बैठ गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। कुछ ही देर में मौके पर पुलिस बल के साथ लोगों की भीड़ भी जुट गई। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने धरना समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन सपा नेत्री और उनके समर्थक कार्रवाई के विरोध में डटे रहे।
सपा नेत्री और तहसीलदार के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने पंकज यादव को हिरासत में लेकर मौके से हटाया। इसके बाद प्रशासन ने बुलडोजर से दुकान को ढहा दिया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि दुकान को पर्याप्त नोटिस दिए बिना मनमाने तरीके से गिराया गया। वहीं, प्रशासन की ओर से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण होने के आधार पर कार्रवाई किए जाने की बात कही गई।
दूसरे दिन फिर धरने पर बैठीं सपा नेत्री
बुधवार की कार्रवाई के बाद गुरुवार सुबह रचना सिंह गौतम दोबारा समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गईं। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दुकान गिराए जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
धरने की सूचना पर उपजिलाधिकारी मनीष कुमार और सहायक पुलिस आयुक्त अंकित कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सपा नेत्री और कार्यकर्ताओं से बातचीत कर उनकी बात सुनी। इसके बाद सपा नेत्री की ओर से अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया। अधिकारियों ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।