समाजवादी पार्टी कानपुर नगर और देहात की सीटों पर जातिगत गणित साधने में चूकी है। पार्टी ने 10 विधानसभा क्षेत्रों में मुस्लिम, ब्राह्मण, क्षत्रिय, दलित और कायस्थ को प्रतिनिधित्व जरूर दिया लेकिन अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का एक भी प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं उतारा है। इसे लेकर राजनीतिक हलचल और खुसुर-फुसुर शुरू हो गई है।
सपा ने 10 में से तीन विधानसभा क्षेत्रों में ब्राह्मण कार्ड खेला है। बिठूर से मुनींद्र शुक्ला, गोविंद नगर से सुनील शुक्ला और किदवई नगर से पंडित ओम प्रकाश मिश्रा को प्रत्याशी बनाकर सवर्ण वोट बैंक में सेंधमारी की कोशिश की है। मुस्लिम बहुल कैंट से अतीक अहमद और सीसामऊ से वर्तमान विधायक हाजी इरफान सोलंकी को टिकट दिया है। महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र से अरुणा तोमर को टिकट देकर क्षत्रियों को साधा है। कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र से कायस्थ वर्तमान विधायक सतीश निगम को फिर मौका दिया है। घाटमपुर से आरडी कुरील और बिल्हौर से बेरिया दलित बिरादरी के हैं। आर्य नगर खाली है। चर्चा है कि आर्य नगर से कोई मुस्लिम चेहरा उतारा जा सकता है। इसका मतलब यह कि पार्टी ब्राह्मण और मुस्लिम चेहरों के साथ चुनाव मैदान में जा रही है।