कायमगंज क्षेत्र के एक गांव में दो सहेलियों के पेड़ पर शव लटके मिलने के बाद राजनीति गरमा गई है। बृहस्पतिवार को कांग्रेस, सपा व बसपा के नेता पीड़ित परिवार से मिले। नेताओं ने परिजनों को सांत्वना देने के साथ न्याय दिलाने का भरोसा दिया। वहीं भाजपाइयों ने शुक्रवार को पीड़ित परिवार से मिलने की बात कही है।
पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी पूर्व विधायक लुईस खुर्शीद सबसे पहले पीड़ित परिवार के घर पहुंचीं। घर पर सहेलियों के पिता नहीं थे। वह महिलाओं से मिलीं। महिलाओं ने बताया कि दोनों को मारकर पेड़ पर लटकाया गया है। पुलिस ने उन्हें शव देखने नहीं दिया। पोस्टमार्टम के बाद शरीर पर चोटों के निशान दिखे। लुईस खुर्शीद ने कहा कि यह मामला राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के संज्ञान में है। उन्होंने ही भेजा है। जरूरत पड़ी तो सलमान खुर्शीद भी आएंगे। हर हाल में न्याय दिलवाया जाएगा।। उनके साथ प्रदेश महासचिव प्रकाश प्रधान, प्रदेश सचिव जुनैद खान, जिलाध्यक्ष शकुंतला देवी, उजैर खा व खुशहाल मियां आदि थे।
इसके बाद बसपा मंडल कोआर्डिनेटर नागेंद्र जाटव, जिलाध्यक्ष आरडी बौद्ध की अगुवाई में प्रतिनिधि मंडल घटनास्थल पर पहुंचा। इसके बाद वह पीड़ित परिवारों से मिले। सहेलियों के पिता के न मिलने पर सवाल खड़े किए। कहा कि आखिर वह कहां चले गए। करीब तीन बजे सहेलियों के पिता के पहुंचने पर उनसे बातचीत की। उनके साथ जिला प्रभारी रामरतन गौतम, विधानसभा अध्यक्ष उपेंद्र लोधी, बाममसेफ जिलाध्यक्ष विजय सिंह, नीरज गौतम आदि रहे।
इसके बाद सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव की अगुवाई में प्रतितिनिधिमंडल पहुंचा। उन्होंने कहा कि सबसे पहले यह मामला राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उठाया। उन्होंने सच जानने भेजा है। दलित परिवारों पर अत्याचार नहीं होने देंगे। वह हर संभव मदद के साथ न्याय दिलाने में मदद करेंगे। उनके साथ डॉ. नवल किशोर शाक्य, सर्वेश आंबेडकर, प्रताप सिंह यादव, उर्मिला राजपूत, इलियास मंसूरी और राघवदत्त मिश्रा थे।