उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में चुनाव के दौरान जातीय समीकरण के हिसाब से ही राजनैतिक दल टिकट का बंटवारा करते हैं। लोकसभा चुनाव में जातीय आंकड़ों पर गौर करें तो अब सपा बसपा गठबंधन और कांग्रेस का प्रत्याशी घोषित होने के बाद सबकी निगाह भाजपा की ओर है। राजनीति के विशेषज्ञों का मानना है कि अब भाजपा यहां से किसी ब्राह्मण प्रत्याशी पर ज्यादा दांव लगा सकती है।
इस जातीय समीकरण में ब्राह्मण वर्ग से छह से अधिक दावेदार इन दिनों लखनऊ दिल्ली की गणेश परिक्रमा कर रहे हैं। हालांकि भाजपा का टिकट पाने के लिए अन्य वर्ग के कार्यकर्ताओं का भी दावा बेहद मजबूत है लेकिन फिलहाल अभी दो दिन के लिए यह मामला टल गया है। पूरे बुंदेलखंड में किसी भी चुनाव में जातीय समीकरण बेहद अहम माने जाते हैं।
जातीय समीकरण के हिसाब से टिकट का बंटवारा होता है
अखिलेश यादव व योगी आदित्यनाथ
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यहां तक कि यह सच है कि हर दल के पदाधिकारी भी इन आंकड़ों के आधार पर ही टिकट का बंटवारा करते हैं। शहर के अधिवक्ता रुद्र प्रसाद मिश्रा व समाजसेवी रामबाबू का भी यही मानना है कि बांदा चित्रकूट सीट पर जातीय समीकरण के हिसाब से टिकट का बंटवारा होता है और इसी आधार पर ही ज्यादातर जीत हार निर्भर भी करती है।
सपा बसपा गठबंधन से श्यामाचरण गुप्ता और कांग्रेस से बालकुमार पटेल को प्रत्याशी घोषित किया जा चुका है, जिसमें दो वर्गों को साधने का प्रयास किया गया है। राजनैतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि दोनों का अपने वर्ग में खासा महत्व है। इसी आधार पर अब माना जा रहा है कि भाजपा का टिकट किसी ब्राह्मण वर्ग को भी मिल सकता है।
भाजपा का टिकट अभी दो दिन तक घोषित नहीं होना है
इस लोकसभा सीट पर जातीय आंकड़ों में ब्राह्मणों की संख्या ज्यादा बताई गई है। अबतक इस सीट पर हुए लोकसभा चुनाव में भी ब्राह्मण प्रत्याशी ने ज्यादा बार सफलता पाई है। भाजपा में इस समय अकेले ब्राह्मण ही नहीं बल्कि हर वर्ग के कई दावेदार टिकट पाने की होड़ में हैं।
उन सबका दावा है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता टिकट तो पार्टी सोच समझकर ही देगी। हालांकि भाजपा का टिकट अभी दो दिन तक घोषित नहीं होना है क्योंकि हाईकमान के निर्देश हैं कि 25 मार्च तक सभी प्रभारी अपने क्षेत्र में जाकर रिपोर्ट तैयार करें, जिससे अब माना जा रहा है कि भाजपा की अगली सूची 26 या इसके बाद ही आएगी।