इस कारण गर्भवती महिला व नवजात काल के मुंह में समा गए। सिपाही विकास ने बताया कि वो कई दिनों से एसओ से गर्भवती पत्नी का प्रसव अच्छी जगह कराने के लिए छुट्टी मांग रहा था। लेकिन एसओ साहब ने एक भी बात नहीं सुनी और छुट्टी देने से साफ मना कर दिया।
गर्भवती को आगरा के लिए रेफर कर दिया
बीते शुक्रवार को पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई, जिसके बाद स्वजन गांव के अस्पताल ले गए। यहां से उसे जिला अस्पताल मैनपुरी भेज दिया गया। मैनपुरी से गर्भवती को आगरा के लिए रेफर कर दिया, जहां जाते समय रास्ते मे जच्चा व बच्चा दोनों की मौत हो गई।
पुलिस अधीक्षक से की जा चुकी है शिकायत
अगर एसओ, रामपुरा अर्जुन सिंह छुट्टी दे देते, तो गर्भवती पत्नी का प्रसव कराने के लिए पहले ही बड़े शहर ले जाता। जो आज घटना घटी है, शायद नहीं घटती। सिपाही विकास के द्वारा एसओ रामपुरा अर्जुन सिंह के हिटलरशाही रवैये की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की जा चुकी है।