उत्तर प्रदेश के फर्रूखाबाद जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यह वाकया जहानगंज क्षेत्र के गांव मीरपुर का है। जहां पर करीब नौ माह पूर्व एक युवक को कुत्ते ने काट लिया था। परिजनों ने उसे डाक्टर के पास ले जाने के बजाय उसका झाड़फूंक कराया। पूरे शरीर में रैबीज फैलने से 22 फरवरी को युवक की मौत हो गई।
युवक की मौत से घबराया परिवार रैबीज की आशंका में उसे फिर झाड़फूंक के लिए लेकर पहुंचा। झाड़फूंक वाले ने रैबीज फैलने की पुष्टि की तो परिजन खुद इंजेक्शन लगवाने लोहिया अस्पताल पहुंचे। हालांकि, डाक्टर ने बिना कुत्ता काटे इंजेक्शन लगाने से मना कर दिया। वहीं, डाक्टरों के अनुसार, कुत्ते के काटने पर डाक्टर के परामर्श अनुसार एंटी रैबीज का इंजेक्शन अवश्य लगाना चाहिए। झाड़फूंक करने वालों से बचना चाहिए।
जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव मीरपुर निवासी रामनरेश के पुत्र घनश्याम(32) को करीब नौ माह पूर्व कुत्ते ने काट लिया था। उसके न तो एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगवाए गए और न ही किसी डाक्टर को दिखाया गया। परिजनों ने गांव रूनी चुरसाई निवासी एक शख्स से उसकी झाड़फूंक कराई और उसी की बताई हुई देसी दवाओं का इस्तेमाल किया। पूरे शरीर में रैबीज फैलने से 22 फरवरी को घनश्याम की मौत हो गई।
इससे परिजन और घबरा गए। घनश्याम के साथ खाना खाने व पानी पीने से रैबीज फैलने की आशंका को देखते हुए मंगलवार को घनश्याम के पिता रामनरेश, मां मिथलेश, पत्नी पूजा, उसके बेटे प्रतीक(4), प्रिंस(3) के अलावा देवेश, ईश्वरी, जितेंद्र, निहाल, आशुतोष, ओम शरण, आलोक, शैलेश, गौरव, हरिनाम, गुड्डी देवी, नीरज, सुषमा, सीता आदि गांव रूनी चुरसाई स्थित झाड़फूंक करने वाले के पास पहुंचे।
इस पर भगत ने परिजनों को झांसे में लेकर बेला(कटोरा) चिपकाया। बेला चिपकते ही उस शख्स ने कहा कि जूठा पानी पीने या खाने से सभी को कुत्ते काटे का असर है। इससे वह लोग इंजेक्शन जरूर लगवा लें। यह सुनते ही परिजन घबरा गए। वह एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाने बुधवार को लोहिया अस्पताल पहुंचे। वहां यह कहकर मना कर दिया गया कि कुत्ते का कटा हुआ निशान जब नहीं दिख रहा तो इंजेक्शन कैसे लगा दिया जाए। सभी को बिना इंजेक्शन लगाए ही वापस कर दिया गया।
पति की मौत की खबर से पत्नी की तबियत खराब
घनश्याम की मौत के बाद पत्नी पूजा उर्फ ममता की तबीयत बिगड़ गई। इससे परिजनों ने पूजा को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज कर रहे फिजीशियन डा. अशोक कुमार को पूजा ने बताया कि वह पति का जूठा खाती रही। इसी वजह से उसकी तबीयत बिगड़ गई और उल्टियां शुरू हो गईं। हालांकि डाक्टर ने उसके पेट में संक्रमण बताकर इलाज शुरू किया। गुरुवार को तबीयत ठीक होने पर दोपहर बाद पूजा को छुट्टी दे दी गई।
क्या कहते हैं डाक्टर
लोहिया अस्पताल के डा. राजकिशोर ने बताया कि कुत्ता के काटने से रैबीज एक साल बाद भी शरीर में फैलने की आशंका रहती है। आशंका होने पर एंटी रैबीज का इंजेक्शन जरूर लगवाना चाहिए। स्वस्थ व्यक्ति भी एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवा सकता है। हालांकि जूठा पानी पीने व खाना खाने से रैबीज नहीं फैलता। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को एंटी रैबीज इंजेक्शन न लगाए जाने के संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है। यदि आशंका है तो परिजन बचाव के लिए एंटी रैबीज के एक-दो इंजेक्शन लगवा सकते हैं।