15 अगस्त की सुबह रायपुरवा स्थित लक्ष्मीपुरवा झंडे वाली गली में दुर्गा शंकर (42) की गर्दन रेतकर हत्या कर दी गई। घर पर नेत्रहीन मां विद्या (90) भी थीं। जिसे हमलावर घायल कर भाग निकला। मां के शोर मचाने पर पड़ोसियों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। हत्या से पहले दुर्गा शंकर से हमलावर से हाथापाई भी हुई थी। पुलिस को वारदात स्थल के पास खून से सनी शर्ट मिली है। एसएसपी शलभ माथुर और फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंच पड़ताल की।
मजदूर दुर्गा शंकर मां विद्या के साथ अकेले रहता था। पड़ोसियों के मुताबिक सोमवार सुबह पौने पांच बजे विद्या ने शोर मचाया तो लोगों ने ऊपर जाकर देखा कि कमरे में दुर्गा का लहूलुहान शव पड़ा था। उसकी गर्दन से खून बह रहा था। शरीर पर भी चोटों के निशान थे। नेत्रहीन विद्या बेटे को टटोलकर जगा रही थीं। हत्या की जानकारी से भीड़ भाड़ वाले लक्ष्मीपुरवा में हड़कंप मच गया। पुलिस को मौके से दुर्गा का मोबाइल भी मिला है, जिसकी कॉल डिटेल निकाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि हत्या से पूर्व दुर्गा की कातिल से हाथापाई भी हुई थी। आरोपी करीबी हो सकता है।
सर्जिकल दस्ताने और खून से सनी शर्ट मिली
हत्यारे ने सर्जिकल दस्ताने भी पहने थे जिसे वो दुर्गा की लाश के पास ही फेंक गया। जांच में पुलिस को घर से कुछ दूरी पर स्थित सराफ की दुकान के पास खून से सनी शर्ट भी मिली है। विद्या के अनुसार हमलावर ने उसका सिर दीवार पर भेड़ दिया था।
रास्ते भर मिले खून के निशान
दुर्गा शंकर के घर से लेकर डिप्टी पड़ाव चौराहे और रथ वाले मंदिर के बीच कुछ स्थानों पर पुलिस को खून के छींटे मिले हैं। पुलिस को शक है कि हाथापाई में हत्यारा भी घायल हुआ है। बताते चलें कि मंदिर और चौराहे दोनों पर ही पिकेट बैठती है। पुलिस ने इसी दायरे से दो तीन संदिग्धों को उठाकर पूछताछ शुरू की है।