कानपुर देहात। सिकंदरा थाना क्षेत्र के नसीरपुर में करीब पांच साल पहले टीवी बंद करने को लेकर हुए विवाद में बेटे ने पिता की हत्या कर दी थी। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय 14 फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही थी। मंगलवार को अदालत ने सुनवाई करते हुए बेटे पर दोष सिद्ध किया। सजा के बिंदुओं पर सुनवाई के लिए अग्रिम तिथि निर्धारित की है।
एडीजीसी ने बताया कि नसीरपुर निवासी ऋषभ कटियार ने चार नवंबर 2020 को पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि वह रात करीब नौ बजे घर में बैठकर टीवी देख रहा था, साथ में बूढ़ी दादी, बाबा लालाराम कटियार भी बैठे थे। उसी दौरान बड़े पापा (ताऊ) अशोक कटियार कहीं से आए और बिस्तर पर लेट गए और टीवी बंद करने को कहने लगे। इस पर उसने कहा कि थोड़ी देर में टीवी बंद कर देगा, जिससे नाराज होकर बड़े पापा अशोक कटियार गाली गलौज करने लगे। बाबा लालाराम ने गाली देने से मना किया तो अशोक ने अपनी लाइसेंसी दोनाली बंदूक से बाबा को गोली मार दी। हम सभी लोग बाबा को लेकर सिकंदरा अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं घटना के बाद बड़े पापा घर से भाग गए।
मामले में पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। जिसकी सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय 14 फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही थी। मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान बचाव व अभियोजन में बहस हुई। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि बंदूक की छीनाझपटी के दौरान यह घटना हो गई। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपित अशोक कटियार को दोष सिद्ध किया। सजा के बिंदुओं पर बुधवार को सुनवाई होगी।