पैसे नहीं देने पर मानसिक रूप से बीमार बेटे ने पिता की चाकू से गोद-गोदकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी फरार है और पुलिस को मौके से चाकू भी नहीं मिला है। छोटे भाई ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कराया है।
इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र के कस्बा लखना में जैन मंदिर के पास झोपड़ीनुमा घर में रह रहे 90 वर्षीय रामनाथ कुशवाहा से बुधवार रात्रि उसके मझले पुत्र पन्नालाल ने रुपये मांगे। रुपये न देने पर उसने पिता के चेहरे को चाकू से गोद डाला। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। रामनाथ के तीन पुत्र थे। बड़े पुत्र प्रकाश की करीब छह माह पहले मौत हो गई थी। मझला पन्नालाल उसके साथ रहता था। छोटा विजय कुशवाहा दूसरी जगह भिटारी मुहाल लखना में रहता था। बताते हैं रामनाथ के बड़े पुत्र का कुछ रुपया जमा था जो छोटे भाई विजय को मिल गया था। उस रुपये में पन्नालाल हिस्से की मांग अपने पिता से करता था। विजय अपने पिता को घर से खाना बनवा कर खाने के लिए दे जाता था।
गुरुवार सुबह करीब 10 बजे विजय खाना देने आया तो पिता को खून से लथपथ देखा। उसने पुलिस को सूचना दी। मौके पर लखना चौकी इंचार्ज विजय सिंह और बकेवर थानाध्यक्ष जयप्रकाश यादव फोर्स के साथ पहुंचे। इसके बाद रामनाथ को लखना के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद पन्नालाल फरार है और चाकू भी मौके पर नहीं मिला है। पुलिस ने विजय की तहरीर पर पन्नलाल के खिलाफ अपने पिता की गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। एसओ ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी की तलाश की जा रही है।
पुलिस की ड्रेस पहन पहरा देता था पन्नालाल
पिता के ऊपर हमला करने वाला पुत्र पन्नालाल लखना पुलिस चौकी पर पुलिस के साथ पहरा देता था। बताते हैं आरोपी पन्नालाल मानसिक रूप से कमजोर है। वह कभी होमगार्ड तो कभी पुलिस की ड्रेस पहन कर पुलिस चौकी पर पुलिस के साथ गश्त करता था। पुलिस वालों से मिलने वाले पैसों से ही बह खाना खा कर अपना पेट भर लेता था।