फोटो संख्या 04::::: नेकराम की फाइल फोटो। स्रोत:परिजन
बिरारी गांव का मामला, भतीजे के घर पहुंचने पर हुई जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
इकदिल। कोई भी काम न करने पर मां की बेटे से कहासुनी हो गई। बेटे से नाराज होकर मां अपने मायके चली गई। दो दिन बाद बेटे ने फंदा लगाकर जान दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
बिरारी गांव निवासी नेकराम (35) पुत्र तुलाराम ने घर के बरामदे में छत में लगे कुंडे में प्लास्टिक की रस्सी बांधकर जमीन पर कूलर रखकर उसके ऊपर चढ़कर फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
बुधवार सुबह साढ़े छह बजे भतीजा विकास जब दादी के पेंशन के कागजात लेने के लिए चाचा के घर गया तब उसने दरवाजा खटखटाया। काफी देर तकर अंदर से कोई आवाज नहीं आने पर भतीजे ने रोशनदान से झांककर देखा तो चाचा फंदे पर लटके हुए थे। भतीजे ने चाचा को फंदे पर लटका देख चीखपुकार मचा दी।
आवाज सुनकर पड़ोसियों के साथ परिवार के लोग पहुंचे। दरवाजे में जोर से धक्का मारने पर खुल गया। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक भीमसेन पौनिया ने फोरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य इकट्ठा कराए। रामदास ने बताया कि भाई नेकराम कोई काम नहीं करता था।
मां सर्वती के काम करने को कहने पर दो दिन पहले कहासुनी हो गई थी। जिसके बाद गुस्से में मां अपने मायके गांव रमपुरा कुदरकोट चली गईं। नेकराम घर में अकेला था तभी मौका पाकर फंदे पर लटक कर खुदकुशी कर ली। तीन साल पहले उसकी पत्नी भी तलाक लेकर चली गई। भाई मानसिक रूप से तनाव में भी चल रहा था।
पांच भाइयों में चौथे नंबर का था। युवक की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रभारी निरीक्षक भीमसेन पौनिया ने बताया कि युवक ने फंदा लगाकर खुदकुशी की है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।