विद्यावती के पास करीब 12 बीघा जमीन है। इसमें 6 बीघा भूमि पट्टे की है। विद्यावती ने ढाई बीघा अपने पास रखी थी। बाकी जमीन का पांच बेटों में बंटवारा कर दिया था। परिजनों ने बताया कि विद्यावती का बड़ा बेटा धनपाल परिवार के साथ दिल्ली में रहता था। वह दिल्ली में ही ऑटो चलाता था। शराबी धनपाल छह महीने पहले गांव आ गया था। उसकी पत्नी व बच्चे दिल्ली में ही रहते हैं।
परिजनों के मुताबिक धनपाल गांव में ही सड़क के किनारे झोपड़ी बनाकर रहता है। धनपाल लगातार विद्यावती के पास बची ढाई बीघा जमीन खुद के नाम कराने के लिए उनसे झगड़ा करता था। मां के साथ मारपीट और गाली-गलौज करता था। कई बार पुलिस ने धनपाल को समझाया भी था। बीते सप्ताह भी विद्यावती ने अपनी जमीन बांटने से मना कर दिया था।
तब भी धनपाल ने मां से झगड़ा किया था। तब शिकायत पर पुलिस ने धनपाल को फटकार लगाई थी। साथ ही दुबारा झगड़ा करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। मां के ढाई बीघा जमीन नहीं देने से नाराज धनपाल ने सोमवार तड़के विद्यावती को खेत की तरफ जाते वक्त अपनी झोपड़ी के पास पकड़कर पीटने लगा। विद्यावती जान बचाने के लिए पास स्थित गन्ने के खेत में घुस गईं।
धनपाल ने दौड़कर फिर दबोच लिया और उन्हीं की साड़ी का फंदा बनाकर गला घोंटकर मार डाला। इसके बाद धनपाल ने यूपी-100 पर घटना की सूचना दी कि उसके भाइयों ने मां विद्यावती की हत्या कर दी है। थाना प्रभारी जेपी शर्मा और क्राइम इंस्पेक्टर राधेश्याम फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। विद्यावती के परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ की, तो सच सामने आ गया। इसके बाद पुलिस ने धनपाल को पकड़ लिया गया। विद्यावती के छोटे बेटे बलराम ने बड़े भाई धनपाल पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।