Kanpur Crime: कानपुर के महाराजपुर के हाथीपुर स्थित ऑनलाइन परीक्षा केंद्र में मंगलवार को दिल्ली पुलिस सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा के दौरान पकड़े गए सॉल्वर ने नाम और पता गलत बताया। उसने बताया कि अभ्यर्थी से परीक्षा केंद्र में मुलाकात हुई थी। पेशेवर सॉल्वर पुलिस को पूछताछ में मनगढ़ंत कहानियां सुनाता रहा।
दिल्ली पुलिस सिपाही भर्ती की ऑन लाइन परीक्षा के दौरान पकड़ा गया सॉल्वर पेशेवर है। पुलिस की पूछताछ में शातिर मनगढ़ंत कहानियां सुनाता रहा। गिरफ्तारी के बाद केंद्र में मौजूद परीक्षा अधिकारियों और पुलिस को सॉल्वर ने अपना नाम व पता गलत बताया। परीक्षा केंद्र में ही अभ्यर्थी से अचानक ही मुलाकात होने और फिर 30 हजार रुपये में उसके स्थान पर परीक्षा देने का सौदा तय होने की कहानी सुनाई। हालांकि, पुलिस ने सॉल्वर की बातों को सच नहीं माना है।
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महाराजपुर के हाथीपुर स्थित ऑनलाइन परीक्षा केंद्र में मंगलवार को दिल्ली पुलिस सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा के दौरान सॉल्वर व अभ्यर्थी को पकड़ा गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में साॅल्वर ने पहले खुद का नाम अजीत कुमार और पता मांट, मथुरा बताया।
इसी आधार पर केंद्र व्यवस्थापक विपिन द्विवेदी ने उसके और शामली के मालैहंडी गढ़ी में रहने वाले शिवम के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और उनका प्रयोग करने की धारा में रिपोर्ट दर्ज की। देर रात सख्ती से पूछताछ में सॉल्वर ने अपना नाम बिहार के खगड़िया के थाना बेलदौर, तोलिहार निवासी आनंद कुमार बताया।
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पुलिस ने सॉल्वर से मोबाइल नंबर लेकर उसके नाम व पते को तस्दीक की। वहीं, आरोपियों के पकड़े जाने के बाद मंगलवार दोपहर से देर रात तक महाराजपुर थाने में शहर के दो वकील, सफेदपोश व एक दारोगा उनकी पैरवी में लगे रहे।
खुद सफल नहीं हुआ तो लेने लगा ठेका
उसने पूछताछ में पुलिस को बताया कि कई प्रतियोगी परीक्षाएं दीं, लेकिन सफल नहीं हो रहा था। इसके बाद रुपये लेकर दूसरों की जगह परीक्षा देकर उन्हें पास कराने का ठेका लेने लगा। बताया रेलवे स्टेशन व परीक्षा केंद्र के आसपास टहलकर अभ्यर्थी तलाशता था। मेलजोल बढ़ा सौदा तय करता था।
इस मामले में भी परीक्षा केंद्र के बाहर 30 हजार रुपये में शिवम सिंह से सौदा तय हुआ था। पुलिस को सॉल्वर की बातों पर भरोसा नहीं है। कार्यवाहक थाना प्रभारी पवन कुमार मिश्रा ने बताया कि सॉल्वर व अभ्यर्थी को जेल भेज दिया गया है। पूरे रैकेट के खुलासे के लिए सॉल्वर के मोबाइल की कॉल डिटेल, व्हाटसएप चैट, बायोमीट्रिक व आधार कार्ड की मदद ली जाएगी।
पिता बोले- बेटे की करतूत ने शर्मिंदा कर दिया
फर्जीवाड़ा में पकड़े गए अभ्यर्थी शिवम के किसान पिता हरेंद्र सिंह बुधवार सुबह थाने पहुंचे। बेटे की हरकत का पता चलने पर हरेंद्र दहाड़े मारकर रोने लगे। बोले इकलौते बेटे शिवम से पूरे परिवार को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन उसकी करतूत ने शर्मिंदा कर दिया।
15 दिन में तीन मामले आ चुके सामने
महाराजपुर में पिछले 15 दिनों के भीतर आईटीबीपी की ट्रेडमैन व दिल्ली पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े के तीन मामले सामने आ चुके हैं। सॉल्वर व अभ्यर्थी मिलकर केंद्रों में सेंधमारी कर पुलिस और खुफिया को चुनौती दे रहे हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि साॅल्वर पेशेवर हैं। फर्जीवाड़े में शरीक लोगों व उनके नेटवर्क के बारे में अभी तक सभी आरोपी चुप्पी साधे रहे।
इस तरह सॉल्वर अभ्यर्थी से मिल करते खेल
ऑनलाइन परीक्षा के दौरान केंद्र में अभ्यर्थी की बायोमीट्रिक व रजिस्ट्रेशन होता है। उसके बाद उसको सीट नंबर मिलता है। इन प्रक्रियाओं के लिए वास्तविक अभ्यर्थी को वहां मौजूद होना पड़ेगा। इसके बाद सारा खेल शुरू होता है। सीट नंबर अभ्यर्थी के प्रवेश पत्र पर अंकित किया जाता है। जांच में सामने आया है कि मंगलवार को सीट नंबर मिलने के बाद अभ्यर्थी शिवम शौचालय में छिपकर बैठ गया था। उसके बाद साॅल्वर आनंद कुमार भी केंद्र में अंदर आने के बाद सीधे शौचालय पहुंच गया। वहां पर अभ्यर्थी ने अपनी सीट नंबर वाला प्रवेशपत्र साॅल्वर को दे दिया। साॅल्वर का फर्जी प्रवेशपत्र अपने पास रख लिया। इसके बाद साॅल्वर परीक्षा देने के लिए अभ्यर्थी की जगह जाकर बैठ गया और पकड़ा गया।