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थाने के अंदर सिपाही ने आखिर क्यों की आत्महत्या?, जांच में जुटा पुलिस प्रशासन

Fri, 25 May 2018 12:06 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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मृतक सिपाही का फाइल फोटो, घटनास्थल का निरीक्षण करते सीओ व विधायक।
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फर्रुखाबाद में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात सिपाही ने कंपिल थाने के बाथरूम में अंगोछे से फांसी लगा ली। इससे उसकी मौत हो गई। बाथरूम में गए सिपाही ने साथी को फांसी पर लटका देखा और थानाध्यक्ष महेंद्र नाथ त्रिपाठी को सूचना दी। सीओ नरेश कुमार, विधायक अमर सिंह खटिक और एसओ ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और शव को सीएचसी कायमगंज भेज दिया। मृतक सिपाही कानपुर के श्याम नगर के रामपुरम का रहने वाला था। वह 2015-16 में पुलिस में शामिल हुआ था। फिलहाल पुलिस की प्राथमिक जांच में घटना की वजह का पता नहीं चल सका है। 

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कानपुर के रामपुरम श्याम नगर निवासी सिपाही अनिल कुमार (28) पुत्र राज बल्लभ कुशवाहा 2015-16 में सीतापुर से पुलिस में भर्ती हुआ था। उसकी तैनाती फर्रुखाबाद की गई। 31 जनवरी 2018 को अनिल कुमार की कंप्यूटर आपरेटर पर पहली तैनाती कंपिल थाने में की गई। तब से वह कंपिल थाने में काम देख रहा था। वह थाने के पास नई बनी बैरक के कमरे में दो अन्य सिपाहियों के साथ रहता था। गुरुवार शाम करीब पांच बजे थाने में पीस कमेटी की बैठक हुई। बैठक शुरू होने के कुछ देर बार अनिल कार्यालय से उठकर कमरे पर चला गया। शाम करीब 6 बजे सिपाही रवींद्र कुमार बैरक के पास स्थित बाथरूम में गया तो अनिल का शव छत पर पड़ी बीम के खाली स्थान पर अंगोछे से लटक रहा था। सिपाही रवींद्र ने इसकी जानकारी एसओ महेंद्र नाथ त्रिपाठी को दी। घटना की जानकारी पर विधायक अमर सिंह खटिक और सीओ नरेश कुमार थाने पहुंचे। घटना की जानकारी उसके परिजनों को मोबाइल के माध्यम से दी। एसओ महेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पीस कमेटी के बैठक के दौरान मृतक सिपाही अपने कमरे में गया था। कुछ देर बार रवींद्र सिपाही ने उसको बाथरूम में लटका देखा और इसकी जानकारी दी। मृतक गुमसुम रहता था। बताया जा रहा है कि मृतक के पिता एयर फोर्स में है और उसका एक भाई नेवी में नौकरी करता है। मृतक के परिजन कानपुर से चल दिए है। 

नौकरी से खुश नहीं था
सिपाही के साथ काम करने वालों का कहना है कि वह अपनी नौकरी से संतुष्ट नहीं था। बातचीत से ऐसा महसूस होता था। फर्रुखाबाद जिले के कंपिल थाने में यह उसकी पहली तैनाती थी। पिछले कई दिनों से अनिल ऐसी बातें करता था जिससे लगता था कि वह नौकरी से संतुष्ट नहीं था। उधर पुलिस मामले की जांच में जुटी है। 

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