डिपार्टमेंट ऑफ रिसर्च एंड डिफेंस आर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) और डिफेंस मैटेरियल एंड स्टोर्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट इस्टेबलिशमेंट (डीएमएसआरडीई) ने कम वजन की मजबूत मॉड्यूलर बुलेट प्रूफ जैकेट बनाई है। इस पर 10 मीटर की दूरी से मारी गई गोली भी बेअसर साबित होगी। जैकेट का सफल परीक्षण कर लिया गया है। इसे जल्द ही भारतीय सेना के इनफैंट्री डिवीजन को उपलब्ध कराया जाएगा। बुलेट प्रूफ जैकेट फैब्रिक और सेरेमिक मैटेरियल से तैयार की गई है।
आईआईटी कानपुर में एडवांस मैटेरियल पर चार दिवसीय (11-14 नवंबर) कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन शुक्रवार को रक्षामंत्री के साइंटिफिक एडवाइजर डॉ. जी सतीश रेड्डी ने किया। साथ ही नए और मजबूत बुलेट प्रूफ जैकेट बनाने की जानकारी दी। कहा यह रिसर्च विंग की बड़ी उपलब्धि है। इसके सभी परीक्षण सफल हो गए हैं। जैकेट जल्द ही सेना को उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासनिक एरिया में बुलेट प्रूफ जैकेट की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
10.7 किलोग्राम-पुरानी बुलेट प्रूफ जैकेट का वजन
7 किलोग्राम-नई जैकेट का वजन
70 मीटर की दूरी तक से मारी गई गोली को अभी बुलेट प्रूफ जैकेट रोकती है
10 मीटर की दूरी से दागी गई गोली भी झेल लेगी नई जैकेट
जैकेट के खास फीचर
- चेस्ट प्रोटक्शन साइज- 80-89 सेंटीमीटर
- टोटल प्रोटक्शन एरिया- 4825 स्क्वायर सेंटी मीटर
शरीर के इन हिस्सों को सुरक्षित करेगी
- हार्ट (सीना), लीवर, पेट, कॉलर, थ्रोट फ्रंट एंड साइड और पेट के निचले हिस्से।
इन हथियारों की गोलियों का असर नहीं
- 9 एमएम एसएफ कारबाइन (भारतीय), एके-47 (एचएससी एंड एमएससी), एसएआर विद 25 एमएम बैक फेस सिग्नेचर।