मौजूदा समय में देश की सीमाओं से ज्यादा खतरा सोशल मीडिया से लगता है। पहले आतंकवादी वही लोग बनते थे जो गरीबी और अशिक्षा से पीड़ित थे लेकिन अब सोशल मीडिया ने पढ़े-लिखे लोगों को आतंकवादी बनाना शुरू कर दिया है। दूर बैठे मास्टरमाइंड सोशल मीडिया के जरिए देश के युवाओं को बरगला रहे हैं और उन्हें अपनी टीम में शामिल कर रहे हैं।
ये बातें गुरुवार को राजस्थान कैडर के आईपीएस अधिकारी विकास कुमार ने आईआईटी कानपुर के स्थापना दिवस समारोह में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। विकास कुमार को सत्येंद्र कुमार दुबे मेमोरियल अवार्ड 2017 से सम्मानित किया गया। विकास ने आईआईटी कानपुर से 1997 में सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। बतौर साफ्टवेयर इंजीनियर भारतीय रेलवे सहित कई बड़ी कंपनियों में काम किया। 2004 में उन्होंने सिविल सर्विसेज परीक्षा पास की और आइपीएस बन गए। पहले नागालैंड और अब राजस्थान एटीएस में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।