फर्रुखाबाद के कायमगंज में नोट बंदी के 38 वें दिन भी बैंकों में ग्राहक अपने रुपये निकालने के लिए लाइन लगाने को मजबूर हुए। वहीं अधिकतर बैंकों में कैश न होने के चलते ग्राहक मायूस होकर लौटे। वहीं बैंक से रुपये न मिलने पर गांव में खेत में काम करने वाले मजदूरों को लोग मजदूरी के बदले अनाज दे रहे हैं।
शुक्रवार को आर्यावर्त ग्रामीण बैंक कायमगंज और मंडी समिति शाखा, इंडसंइड, आईसीआईसीआई और एक्सिस बैंक में करेंसी न होने के कारण ग्राहकों को कैश नहीं मिला। गांव भकुसा निवासी गिरीशचंद्र ने बताया कि वह छह दिनों से बैंक के चक्कर काट रहे हैं। खेतों में काम कर रहे मजदूरों को पैसेे और बच्चों की फीस भी देनी है। पैसा न मिलने पर मजदूरों को मजदूरी नहीं दे पा रहे हैं। मजदूरों को मजदूरी के बदले अनाज देना पड़ रहा है।
नवाबगंज के गंाव जोगपुर के रहने वाले हरेंद्र ने बताया कि वह दो दिनों से बैंकों व एटीएम के चक्कर काट रहा है लेकिन नगर में कोई एटीएम चालू नहीं है। उसने बताया घर में राशन आदि की दिक्कत है। गांव इजौर निवासी श्लोक कुमार ने बताया कि वह दो दिनों से बैंक से पैसे निकालने के लिए चक्कर लगा रहा है लेकिन बैंक में पैसा न होने के कारण उसे लौटना पड़ता है। उन्होंने बताया कि बच्चों की फीस जमा करने के लिए स्कूल वाले रोज तगादा करते हैं। फीस न दे पाने के कारण बच्चे दो दिन से स्कूल नहीं जा रहे हैं। जौरा निवासी अभिषेक ने बताया कि वह तीन दिन से बैंक जा रहा है।
घर में खर्चे के लिए पैसे नहीं बचे हैं। वहीं छोटे भाई की फीस भी जमा करनी है। स्टेट बैंक के मैनेजर आरके अग्रवाल ने कहा कि हमारी शाखा में पर्याप्त कैश आ गया है। कैश की कोई दिक्कत नहीं है। स्टेट बैंक की कृषि विकास शाखा के मैनेजर मनोज कुमार अगिभनहोत्री ने बताया कि शुक्रवार दोपहर बाद तक कैश आ जाएगा। सेंट्रल बैंक के मैनेजर रजनीश कुमार ने बताया कि बैंक में कैश है, जो बंाटा जा रहा है। वहीं पीएनबी व बैंक आफ इंडिया में ग्राहकों को कैश वितरित किया गया।