इनकम टैक्स के दायरे में आने वाला व्यक्ति अगर कोई सूचना छिपाता है तो उस पर पेनाल्टी लगाई जाती है। यह जानकारी कानपुर इनकम टैक्स बार एसोसिएशन की ओर से आयकर बार एसोसिएशन हाल सिविल लाइंस में आयोजित गोष्ठी में मुख्य वक्ता सीए आरके शुक्ला ने दी।
उन्होंने बताया कि ये पेनाल्टी आयकर की धारा 271 (1) के तहत लगाई जाती है। पेनाल्टी जरूरी लेखा पुस्तकें न रखने पर भी लगाए जाने का प्रावधान है। एक अप्रैल 2016 से पेनाल्टी की धारा में दो नई धाराएं 271 एफएबी या 271 जीए लागू की जाएंगी। इसमें पेनाल्टी ज्यादा लगाने का प्रावधान किया गया है।
हालांकि यह सिद्ध कर दिया जाए कि सूचना छिपाना जानबूझकर या गलत इरादे से नहीं किया गया तो संबंधित करदाता पेनाल्टी से बच भी सकता है। गोष्ठी की अध्यक्षता शैलेंद्र सचान ने की। इस मौके पर एमएल जैन, महामंत्री राजेश कुमार गुप्ता, अरुण अहलुवालिया, धमेंद्र श्रीवास्तव, एचएस लांबा, विजय गुप्ता, राजीव गुप्ता आदि मौजूद रहे।
भवन निर्माण सामग्री पर वाणिज्य कर
कानपुर। लखनपुर स्थित वाणिज्य कर भवन में टैक्स बार एसोसिएशन की ओर से ‘रियल इस्टेट कारोबारी बिल्डर्स पर वाणिज्य कर’ विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर कर मामलों के अधिवक्ता प्रमोद द्विवेदी ने बताया कि बिल्डर्स भी वाणिज्य कर में पंजीयन कराकर वैट रिटर्न जमा कर रहे हैं।
बिल्डर को भवन निर्माण में उपयोग की जाने वाली भवन सामग्री पर वाणिज्य कर अदा करना होता है। इस मौके पर संतोष कुमार गुप्ता, एके दरबारी, चंद्रशेखर शर्मा, उमेश पांडेय, अरुण आहूजा, एसके श्रीवास्तव मौजूद रहे।