शहरी विकास मंत्रालय का एक एप ‘शहरवालों’ को और भी ज्यादा स्मार्ट बनाता जा रहा है। फोटो क्लिक करके भेज देने के कुछ ही घंटों के अंदर समस्या का निस्तारण शुरू हो जाता है। मोबाइल एप से सफाई का ये अनोखा फार्मूला सभी को खूब रास आ रहा है।
एक पंत दो काज। शहरी विकास मंत्रालय के स्वच्छता एप को डाउन लोड करने और इसमें गंदगी की फोटो भेजने पर सफाई होने के साथ ही अपने शहर को भी नंबर मिलेंगे। इससे देशभर में चल रहे स्वच्छता सर्वेक्षण में कानपुर की रैंकिंग सुधर सकती है। यह सर्वेक्षण 10 फरवरी तक ही है।
सुधार के लिए तीन एप बनाए गए
दरअसल, स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई व्यवस्था की जानकारी और इसमें सुधार के लिए तीन एप बनाए गए हैं। अपने मोबाइल में http://bit.ly/29lX9YQ या http://apple.co/2cscFUT या प्ले स्टोर से swachhta-MoUd को डाउनलोड कर इंस्टॉल कर सकते हैं। एप को खोलते ही पोस्ट योर फर्स्ट कंपलेंड, प्रोफाइल आदि लिखकर आएगा। इसमें से पोस्ट योर फर्स्ट कंपलेंड में क्लिक करते ही शहर में किसी भी स्थान में गंदगी, सफाई न होने, डस्टबिन खाली न होने, कूड़ा पड़ा होना, मरा जानवर पड़ा होना, सार्वजनिक शौचालय में बिजली न होना, सार्वजनिक शौचालय गंदा होना, सार्वजनिक शौचालय की सीवर लाइन चोक होना आदि कॉलम लिखकर आएंगे। इनमें से किसी एक में क्लिक करके सेंड करते ही फोटो शहरी विकास मंत्रालय और नगर निगम में नगर स्वास्थ्य अधिकारी के पास पहुंच जाएगी। जिस स्थान की फोटो भेजी है, आपको उसकी लोकेशन भी नहीं भेजनी है, बल्कि उक्त लोकेशन जीपीएस के माध्यम से स्वत: सेंड हो जाएगी। उक्त समस्या का हल कुछ घंटों या दिनों में हो जाएगा।
ऐसे मिलेगा नंबर
नगर निगम के आईटी प्रभारी परवेज ने बताया कि 10 फरवरी तक जो भी मोबाइल यूजर इसे डाउनलोड करेगा, इसका एक नंबर स्वच्छता सर्वेक्षण में कानपुर नगर निगम के खाते में जुड़ जाएगा। इससे शिकायत करने पर एक और नंबर मिलेगा। इस प्रकार अधिकतम 500 नंबर तक मिल सकते हैं।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि इस अप्लीकेशन के माध्यम से आने वाली सभी शिकायतें प्राथमिकता पर निस्तारित होंगी। कोशिश रहेगी की उसी दिन निस्तारण हो या समस्या के हिसाब से एक, दो, तीन दिन में उसे दूर कर दिया जाए।